छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय पर्यटन स्थल चित्रकोट स्थित दंडामी लक्जरी रिसार्ट के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाकर पर्यटकों से ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की आधिकारिक साख का दुरुपयोग करते हुए रिसार्ट की क्लोन वेबसाइट तैयार की और ऑनलाइन बुकिंग के नाम पर पर्यटकों से अग्रिम राशि अपने खातों में ट्रांसफर कराई।
पर्यटन अधिकारी ने दर्ज कराई शिकायत
मामले की शिकायत छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के पर्यटन अधिकारी दिनेश जांगड़े ने तेलीबांधा थाने में की है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
तीन मोबाइल नंबर पुलिस के रडार पर
जांच के दौरान प्रथम दृष्टया वित्तीय धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस ने मामले में इस्तेमाल किए गए तीन मोबाइल नंबरों के धारकों को संदिग्ध आरोपित बनाया है। इन नंबरों और उनसे जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
पर्यटन मंडल की वेबसाइट जैसी दिखती थी क्लोन वेबसाइट
शिकायत के अनुसार, साइबर अपराधियों ने बस्तर के चित्रकोट स्थित प्रसिद्ध दंडामी लक्जरी रिसार्ट के नाम पर फर्जी वेबसाइट तैयार की थी। वेबसाइट को इस तरह डिजाइन किया गया था कि पहली नजर में वह पर्यटन मंडल की अधिकृत वेबसाइट जैसी दिखाई दे।
लोगो और रिसार्ट की तस्वीरों का इस्तेमाल
फर्जी वेबसाइट पर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के आधिकारिक लोगो, दंडामी रिसार्ट की तस्वीरों और प्रबंधन से जुड़े पदनामों का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। इससे पर्यटकों को वेबसाइट के वास्तविक होने का भरोसा हो सकता था।
Google Search के जरिए पर्यटकों तक पहुंचने की कोशिश
आरोप है कि साइबर ठगों ने फर्जी वेबसाइट को इस तरह प्रचारित किया कि Google पर दंडामी रिसार्ट की जानकारी और बुकिंग तलाशने वाले पर्यटक उस वेबसाइट तक पहुंच जाएं। वेबसाइट पर पहुंचने के बाद पर्यटकों को कमरे की ऑनलाइन बुकिंग के लिए संपर्क करने को कहा जाता था।
बुकिंग के नाम पर कराया गया अग्रिम भुगतान
फर्जी वेबसाइट के जरिए पर्यटकों से रिसार्ट में कमरा बुक कराने के नाम पर अग्रिम भुगतान कराया जाता था। आरोप है कि यह राशि वास्तविक रिसार्ट के बजाय साइबर ठगों से जुड़े फर्जी माध्यमों और बैंक खातों में ट्रांसफर होती थी।
रिसार्ट पहुंचने पर खुला ठगी का राज
ठगी का शिकार हुए पर्यटकों को जब वास्तविक दंडामी लक्जरी रिसार्ट पहुंचने पर अपनी बुकिंग की जानकारी दी गई, तब उन्हें पता चला कि उनके नाम से कोई बुकिंग हुई ही नहीं थी। इसके बाद पर्यटकों को ऑनलाइन ठगी का पता चला और मामला पर्यटन मंडल तक पहुंचा।
पर्यटन मंडल ने जुटाए डिजिटल साक्ष्य
मामले की जानकारी मिलने के बाद छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल ने फर्जी वेबसाइट, संदिग्ध मोबाइल नंबरों और डिजिटल भुगतान से जुड़े साक्ष्यों को जुटाया। इसके बाद इन साक्ष्यों के साथ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
पुलिस कर रही साइबर ठगों की तलाश
तेलीबांधा पुलिस अब फर्जी वेबसाइट के संचालन, संदिग्ध मोबाइल नंबरों और ऑनलाइन भुगतान से जुड़े नेटवर्क की जांच कर रही है। पुलिस का प्रयास है कि डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए और ठगी की रकम के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा सके।