MP Politics: केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर शनिवार को भोपाल में थे। इस दौरान उन्होंने एक बंद कमरे में भाजपा के शीर्ष नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की, जिन्हें उपेक्षित और नाखुश भाजपा नेता माना जा रहा है। इस दौरान उन्होंने पार्टी के पूर्व नेताओं से पार्टी की मौजूदा स्थिति के बारे में सलाह ली। साथ ही प्रत्येक विधानसभा में विधायकों के कामकाज की जानकारी मांगी।
'विधायकों ने बना ली है अपनी टेरेटरी'
इस दौरान यह बात निकल कर सामने आई है कि कुछ विधायकों ने अपनी टेरेटरी (MP Politics) बना ली है। इसमें अन्य पार्टी के नेताओं को काम करने की अनुमति नहीं दी जाती है। उन्हें आयोजन में आमंत्रित भी नहीं किया जाता है। इन अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान स्थिति पार्टी के लिए हानिकारक है। पार्टी के कोर कार्यकर्ता इस बात से नाराज हैं। इसके अलावा, बीजेपी के बुजुर्ग नेताओं ने भोपाल उत्तर और मध्य में पार्टी की निरंतर कमजोरी के बारे में चेतावनी दी है। उन्होंने इसे सुधारने के लिए मिलकर काम करने पर जोर दिया है। इस बैठक के दौरान कई पूर्व विधायकों ने यहां तक कह दिया कि उम्रदराज होने के कारण घर बैठे पुराने नेता आज भी पार्टी को कम से कम 100-200 तो दिला ही सकते हैं। वे आज भी पार्टी का हित ही सोचते हैं।
'कार्यकर्ता ही हमारी ताकत है'
तोमर ने इससे पहले सभी नेताओं के साथ समूह की बैठक बुलाई थी। इसके बाद पूर्व विधायक शैलेंद्र प्रधान खड़े होकर चले गए। तोमर ने उन्हें जिलाध्यक्ष सुमित पचौरी के माध्यम से फिर से बुलवाया और उन्होंने एक बंद कमरे में अलग से बात की। तोमर ने भोपाल के अलावा सीहोर जिले के नेताओं से भी मुलाकात की। इन सत्रों के बाद तोमर ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं के सुझावों के आधार पर ही चुनावी रणनीति बनाई जाएगी। कार्यकर्ता ही हमारी ताकत है।
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