मंगलवार को राजधानी भोपाल में जापानी इंसेफेलाइटिस बुखार के टीकाकरण के अभियान की गई। भोपाल के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में इस वैक्सीन को बच्चों को निशुल्क ही लगाया गया। 20 सेंटर में यह वैक्सीन रोजाना लगाई जाएगी। वहीं 348 सेंटरों पर मंगलवार से लेकर शुक्रवार तक इस वैक्सीन को बच्चों को लगाया जाएगा। यह वैक्सीन 1 साल से लेकर 15 साल के 9 लाख बच्चों को लगेगी।
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने की शुरुआत
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने जिला अर्ली इंटरवेंशन सेंटर पर इस अभियान की शुरुआत की। राजधानी भोपाल में इस अभियान के पहले ही दिन करीब 3500 बच्चों को यह जापानी बुखार की वैक्सीन लगाई गई। इस अभियान के चलते भोपाल, नर्मदापुरम, इंदौर और सागर जिले में 1 साल से 15 साल की लगभग 37 लाख बच्चों को इस जापानी बुखार की वैक्सीन लगाई जाएगी।
वैक्सीन से नहीं होगी कोई परेशानी
बता दे कि वैक्सीन लगने के बाद बच्चों को बुखार या सेहत में कोई बदलाव नहीं होगा। किसी- किसी को रेडनेस प्रॉब्लम हो सकती है। इस वैक्सीन के लगने के कुछ ही मिनट बाद ठीक हो जाएगी। इसके लिए कोई मेडिसिन की जरूरत नहीं है। यह वैक्सीन एम्स, हमीदिया अस्पताल, जिला जयप्रकाश चिकित्सालय, सिविल अस्पताल, बैरागढ़ सिविल अस्पताल आदि में उपलब्ध कराई गई है।
मच्छर के काटने से होने वाली बीमारी
जेपेनीज इंसेफेलाइटिस (जेई) बुखार को जापानी बुखार और दिमागी बुखार भी कहा जाता है। यह मच्छर के काटने से होने वाली बीमारी है। नेशनल वेक्टर बोर्न कंट्रोल प्रोग्राम की रिपोर्ट के अनुसार जेपेनीज इंसेफेलाइटिस का वायरस सुअर और जंगली पक्षियों में पाया जाता है। जो जेई वायरस वाले सुअर अथवा जंगली पक्षी को जब क्यूलेक्स प्रजाति का मच्छर काटता है, तो जेई के वायरस मच्छर के शरीर में पहुंच जाते हैं। यही मच्छर जब स्वस्थ व्यक्ति को काटता है, तब व्यक्ति को जेपीनीज इंसेफेलाइटिस का संक्रमण हो जाता है।
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