ग्वालियर: अभी तक आपने जमीन-जायदाद और रुपयों, जेवरात के बंटवारे के बारे में सुना होगा। लेकिन ग्वालियर में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। जिसे जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे। बता दें कि कुटुंब न्यायालय की काउंसलिंग में पति और उसकी दो पत्नियों के बीच अनोखा बंटवारा किया गया है। इसमें पति को 3 दिन पहली पत्नी के साथ रहेगा, तो 3 दिन दूसरी पत्नी के साथ उसे रहना होगा। हालांकि रविवार को पति की मर्जी चलेगी कि वह दोनों पत्नियों में से किसके साथ रहना चाहता है।
2018 में की युवक ने पहली शादी
कुटुंब न्यायालय के काउंसलर हरीश दीवान ने बताया कि गुड़गांव में सॉफ्टवेयर इंजीनियर एक युवक की शादी ग्वालियर की लड़की से 2018 में हुई थी। शादी के दो साल तक दोनों में बेहतर संबंध रहे। इस दौरान उन्हें एक लड़का भी हुआ। इसके बाद युवक गुड़गांव की एक मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी करने चला गया और दो साल तक अपनी पहली पत्नी के पास नहीं आया।
गुड़गांव में दूसरी युवती के साथ लिव-इन में रहने लगा
गुडगांव में कार्यस्थल पर उसकी एक अन्य युवती से मुलाकात हुई। दोनों लिव इन रिलेशन में रहने लगे। इस दौरान युवती एक लड़की की मां बन गई। जब दो साल तक ग्वालियर की अपनी विवाहित पत्नी को युवक लेने नहीं आया तब उसे और उसके घर वालों को दाल में कुछ काला लगा। पहली पत्नी और उसके परिवार के लोगों ने जब गुड़गांव जाकर पड़ताल की तो पता चला कि युवक अन्य युवती के साथ पति-पत्नी की तरह रह रहा है और उनकी एक बेटी भी है।
दोनों युवतियां, युवक के साथ रहने को तैयार
इसके बाद पति और दोनों पत्नियों के बीच विवाद शुरू हो गया ।पहली पत्नी ने ग्वालियर के कुटुंब न्यायालय में धारा 125 के तहत भरण पोषण का दावा पेश किया। इस बीच परिवार न्यायालय की सलाह पर दोनों पत्नियों और पति के बीच काउंसलिंग की गई। अभिभाषक हरीश दीवान ने इस मामले में दोनों युवतियों और उनके पति को समझाया और दोनों को ही साथ रहने की सलाह दी। इस पर ना-नुकुर के बाद दोनों युवतियां युवक के साथ रहने के लिए तैयार हो गईं।
ऐसे हुआ बंटवारा
कुटुंब न्यायालय ने यह तय किया कि युवक की जो डेढ़ लाख सैलरी है उसमें से आधी आधी हर महीने दो पत्नियों को मिलेगी। साथ ही दोनों के लिए अलग-अलग फ्लैट भी खरीदे जाएंगे ।इसके अलावा पति के बंटवारे के रूप में तीन तीन दिन दोनों पत्नियों के यहां रहेगा। रविवार का दिन पति स्वेच्छा से किसी भी घर में रह सकता है। काउंसलिंग की पहल पर कुटुंब न्यायालय ने भी अपनी मुहर लगा दी है । युवक सॉफ्टवेयर इंजीनियर है और किसी एमएनसी में पदस्थ है। युवक ने दोनों पत्नियों के नाम एक-एक फ्लैट कर दिया है।
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