एमपी में इसी साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होना है। चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच बयानबाजी जोरो पर है। लगातार दोनों ही दलों के नेताओं के बीच जुबानी जंग जारी है। मध्य प्रदेश में चुनावी साल में पुलिस भर्ती परीक्षा को लेकर भी पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कई सवाल उठा दिए हैं। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही कई मांग कर डाली है। इस भर्ती परीक्षा में मध्य प्रदेश के 8 लाख युवा बेरोजगार हिस्सा लेने जा रहे हैं।
पूरे मध्य प्रदेश में एक ही दिन में हो परीक्षा
चुनावी साल में मध्य प्रदेश में हो रही भर्ती परीक्षाएं राजनेताओं के निशाने पर है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने 12 अगस्त से शुरू होने वाली पुलिस भर्ती परीक्षा को लेकर कई सवाल उठा दिए हैं। दिग्विजय सिंह ने कहा कि परीक्षा को पूरे मध्य प्रदेश में एक ही दिन में लिया जाना चाहिए। इसके अलावा ऑनलाइन के स्थान पर ऑफलाइन परीक्षा ली जाना चाहिए जिससे धांधली की संभावनाएं काफी कम हो। ऑनलाइन परीक्षा में पहले भी कई बार गड़बड़ियां देखने को मिली हैं।
7500 पद
आरक्षक भर्ती परीक्षा के लिए इस बार भी 7500 पदों के लिए आठ लाख बेरोजगारों ने आवेदन किया है। पहले पूरे मध्य प्रदेश में एक साथ परीक्षाएं होती थी लेकिन ऑनलाइन परीक्षा होने की वजह से इतनी बड़ी संख्या में उम्मीदवारों को एक ही दिन परीक्षा में बैठाना मुश्किल है। परीक्षा के लिए कंप्यूटर और अन्य सामग्री आवश्यक होती है।
2 चरणों में आयोजित होगी भर्ती प्रक्रिया
मध्य प्रदेश में आरक्षक भर्ती प्रक्रिया 2 चरणों में आयोजित की जाएगी। पहले चरण में 12 अगस्त से कंप्यूटर पर ऑनलाइन परीक्षा होगी। सौ अंक वाली ऑनलाइन परीक्षा में जो परीक्षार्थी उत्तरीर्ण होंगे, उन्हें शारीरिक दक्षता का टेस्ट देना होगा। इसके लिए भी 100 अंक रखे गए हैं। दोनों परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले उम्मीदवारों को प्रतिशत के आधार पर नौकरी मिलेगी।
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