पिछले कुछ दिनों पहले रीवा के सुंदरजा आम और मुरैना की(GI TAG) गजक को जी आई टैग मिला था। अब एमपी के 9 सुप्रसिद्ध उत्पादों को जी आई टैग मिला है। मध्यप्रदेश के सुप्रसिद्ध(GI TAG) शरबती गेहूं के साथ कई हस्तशिल्पों को जीआई दिया गया है। एमपी के 9 उत्पादों को केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय के इंडस्ट्री प्रमोशन एवं इंटरनेशनल ट्रेड द्वारा GI टैग दिया गया है। जिसमें शरबती गेहूं के साथ हस्तशिल्प चीजें भी शामिल है।
बतादें कि एमपी की गोंड पेंटिंग, ग्वालियर के हस्तनिर्मित कालीन, डिंडोरी के लोहशिल्प, जबलपुर के पत्थर शिल्प, वारासिवनी की हैंडलूम साड़ी और उज्जैन के बटिक प्रिंट्स इस लिस्ट में शामिल है। इसके अलावा सीहोर और विदिशा जिले में उगाया जाने वाला शरबती गेहूं भी इस श्रेणी में शामिल हैं। इस गेहूं की अपनी ही एक अलग खासियत है। इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर, प्रोटीन और विटामिन बी के साथ विटामिन इ पाया जाता है। जिसको देखते हुए इसे आवेदन क्रमांक 699 में जी आई टैग जारी किया गया है।
जानिए खासियत
- शरबती गेहूं – फाइबर, प्रोटीन और विटामिन बी और ई
- सुंदरजा आम – कम चीनी और अधिक विटामिन ई
- गजक – गुड़, चीनी और तिल का मिश्रण
- गोंड पेंटिंग – मानव के प्रकृति के साथ जुड़ाव दर्शाने वाली जनजातीय चित्रकला
- हस्तनिर्मित कालीन – पशु, पक्षी और जंगल के दृश्यों का रूपांकन
- लोहशिल्प – लोहे को गरम कर उसे पीट- पीटकर कर बनाई जाने वाली शिल्प
- पत्थरशिल्प – भगवान की मूर्तियां, नक्काशीदार पैनल, सजावटी वस्तुएं और बर्तन बनाए जाते हैं
- हैंडलूम साड़ी – धारियों और चैक के जटिल पैटर्न में सादगी से बनाई जाने वाली साड़ी
- कला बटीक प्रिंट – टिक शिल्पकार डाई की प्रक्रिया में मोम का प्रयोग
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