बॉलीवुड के मशहूर गायक पंकज उधास का निधन हो गया है। गायक पंकज उधास ने 73 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया। ये सुनकर न सिर्फ फैंस बल्कि पूरी बॉलीवुड इंडस्ट्री को गहरा धक्का लगा है। पंकज उधास का जाना इंडस्ट्री के लिए बड़ी क्षति है।
पंकज उधास की फैमिली ने एक स्टेटमेंट जारी करते हुए उनके निधन की खबर दी है। स्टेटमेंट में लिखा है- 'बहुत भारी मन से, हम आपको लंबी बीमारी के चलते 26 फरवरी 2024 को पद्मश्री पंकज उधास के दुखद निधन की जानकारी देते हुए दुखी हैं। सीएम डॉ. मोहन यादव ने प्रसिद्ध गायक पद्मश्री पंकज उधास के निधन पर दुख व्यक्त किया है।
पंकज उधास का निधन गायन के क्षेत्र में बड़ी क्षति
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रसिद्ध गीत और गजल गायक श्री पंकज उधास का निधन गायन के क्षेत्र में बड़ी क्षति है। उनके निधन से एक लोकप्रिय स्वर साधक की विदाई हो गई है। बहुत छोटी उम्र से उन्होंने संगीत केरियर शुरू किया था। चिट्ठी आई है...... चांदी जैसा रंग तेरा और न कजरे की धार.... जैसे मधुर गीतों से उनकी पहचान बनी थी। वे मध्यप्रदेश में अनेक अवसरों पर कार्यक्रम प्रस्तुति के लिए पधारे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिवंगत श्री पंकज उधास की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है।
ऐसे गानों की लिस्ट जिन्हें लोग कभी भी नहीं भुला पाएंगे
पंकज उधास की आवाज हमेशा लोगों के दिलों पर राज करेगी। पंकज उधास के ऐसे गानों की लिस्ट जिन्हें लोग कभी भी नहीं भुला पाएंगे। 1986 में आई फिल्म 'नाम 1986' के गाने 'चिट्ठी आई है' को पंकज उदास ने आवाज दी थी। इस गाने को सुनकर लोग आज भी भावुक हो जाते हैं। मूवी के साथ-साथ लोगों को पंकज उदास की आवाज ने भी दीवाना बना लिया था। वहीं "और आहिस्ता कीजिए बातें...धड़कनें कोई सुन रहा होगा...." पंकज उदास का यह गाना आज भी लोगों की प्ले लिस्ट में शामिल है। यूट्यूब पर भी इस गाने को मिलियन की संख्या में लाखों व्यूज मिले हैं। 'चांदी जैसी रंग है तेरा' पंकज उदास की बेस्ट गजल में से एक यह गजल भी है। आज भी हिंदी पट्टी से जुड़े आयोजन में इस गजल को गाया-सुनाया जाता है। गजल का एक-एक शब्द सीधा दिल को छू जाता है।
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