Vishwas Sarang: भोपाल (Bhopal) में डॉक्टरों की हड़ताल (Doctors' strike) के कारण स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से बदहाल हो गई थी। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर डॉक्टरों ने सांकेतिक हड़ताल शुरू की थी जिसकी वजह से हॉस्पिटल (Government Hospital) में OPD से लेकर इमरजेंसी (Emergency) सेवाएं तक पूरी तरह से बंद हो गई थी, लेकिन एमपी के चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने डॅाक्टरों से मिलकर उनकी हड़ताल को खत्म कराया और उनकी मांगों को पूरा करने के लिए एक कमेटी बनाई। मंत्री सारंग ने आश्वासन दिया है कि समिति महासंघ की मांग को लेकर सुझाव देगी। सरकार समय सीमा में सभी सुझावों पर विचार कर लागू करेगी। इस समिति में महासंघ में शामिल सभी विभागों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
मांगे पूरी की जाने की संभावना
इस कमेटी की रिपोर्ट के बाद मांगे पूरी की जाने की संभावना जताई जा रही है। डॉक्टरों की हड़ताल से परेशानी की सामना न केवल इलाज कराने वाले मरीजों को हो रहा था बल्कि इसका असर पोस्टमार्टम वार्ड में भी देखा जा रहा था। बताया जा रहा है कि मर्चुरी में पड़े शवों का पोस्टमार्टम काफी देरी से हो रहा था। डॉक्टरों की ये 2 दिनों का सांकेतिक हड़ताल थी और कहा जा रहा है कि मांगे नहीं मानी गई तो हड़ताल और भी दिन बढ़ सकती है।
डॉक्टरों की मांग
डॉक्टरों की मांग है की समय मान वेतनमान सख्ती से लागू हो। इसके अलावा ओल्ड पेंशन स्किम भी लागू की जाए। इसके साथ ही साथ विभाग के उच्च पदों पर चिकित्सकों की नियुक्ति की जाए और तबादलों में राजनैतिक दखलंदाजी न की जाए। इसके अलावा सार्थक एप की अनिवार्यता समाप्त की जाए और संविदा डॅाक्टरों का नियमितीकरण किया जाए।
16 फरवरी से हड़ताल पर थे
दरअसल मध्यप्रदेश में बुधवार से डॉक्टर्स हड़ताल पर थे। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मध्यप्रदेश चिकित्सक महासंघ के बैनर तले हड़ताल का ऐलान किया गया था। हड़ताल को सरकारी जूनियर डॉक्टर्स और डॉक्टर से जुड़े 7 संगठनों का समर्थन मिला था। 16 फरवरी को सुबह 10 बजे से 12 बजे तक कार्य बंद रखकर डॉक्टरों ने प्रदर्शन किया। जिसमें सिर्फ इमरजेंसी सेवाएं चालू थी। आज 17 फरवरी को सुबह 8 बजे से संपूर्ण कार्य बंद किया जाना था। लेकिन चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने चिकित्सा महासंघ के पदाधिकारियों के साथ चर्चा कर हड़ताल खत्म करवा दिया है।
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