अंबेडकर जयंती के अवसर पर सीएम भूपेश बघेल ( CM Baghel ) ने कहा कि, एक तरफ देश आजादी की लड़ाई लड़ रहा था, वहीं दूसरी तरफ बाबासाहेब अंबेडकर दबे कुचले समाज को अधिकार दिलाने के लिए संगठित कर संघर्ष कर रहे थे। सीएम ( CM Baghel ) ने कहा कि, बाबासाहेब ने समाज के पिछड़े वर्ग के लोगों को शिक्षित होकर संगठित होकर संघर्ष करने की प्रेरणा दी है। वहीं सीएम ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि, देश का संविधान और लोकतंत्र खतरे में है। देश की सभी संवैधानिक संस्थाओं को लगातार कमज़ोर किया जा रहा है।
संविधानिक अधिकारों को लगातार कम करने की कोशिश की जा रही है
सीएम बघेल ने कहा कि, उनकी अध्यक्षता में जो संविधान बना था। आज 135 करोड़ की आबादी वाला देश के लोगों की ताकत वही हैं, जो हमें संविधान में ताकतवर अधिकार मिला है। आज की स्थिति क्या है, जो संविधान हमारे हितों की रक्षा करते हैं। आज वही खतरे में है। उन्होंने अपनी बात पर जोर देते हुए कहा कि, संविधानिक अधिकारों को लगातार कम करने की कोशिश की जा रही है।
राज्य में राज्यपाल की भूमिकाओं की समीक्षा होनी चाहिए
इसके साथ ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस दौरान यह भी कहा कि, राज्य में राज्यपाल की भूमिकाओं की समीक्षा होनी चाहिए, यह तय होना चाहिए कि, विधानसभा द्वारा पारित विधेयक को राज्यपाल कितने दिन रख सकते हैं। सीएम ने कहा कि, प्रज्ञा करुणा और मैत्री और मैत्री भगवान जो बुद्ध ने दिया है. अंबेडकर जैसे व्यक्ति हर शहर और हर गांव में पैदा नहीं होता, आज किसकी जयंती का उत्सव मना रहे हैं। अपनी श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूं।
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