गर्मियों के मौसम में तापमान बढ़ने के साथ लू लगने का खतरा भी तेजी से बढ़ जाता है। लू (हीट स्ट्रोक) एक गंभीर स्थिति होती है, जिसमें शरीर का तापमान असामान्य रूप से बढ़ जाता है और शरीर का कूलिंग सिस्टम ठीक से काम नहीं कर पाता। समय पर इलाज न मिलने पर यह जानलेवा भी हो सकती है।
लू क्यों लगती है?
जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक तेज धूप में रहता है, तो शरीर में पानी की कमी हो जाती है। शरीर पसीने के माध्यम से तापमान नियंत्रित करता है, लेकिन डिहाइड्रेशन की वजह से यह प्रक्रिया बाधित हो जाती है। इससे शरीर का तापमान तेजी से बढ़ता है और लू लगने की स्थिति बन जाती है।
लू से कैसे बचें
दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें।
अगर बाहर जाना जरूरी हो तो सिर को टोपी, गमछा, दुपट्टा या छाते से ढककर रखें।
हल्के रंग और ढीले सूती कपड़े पहनें।
शरीर में पानी की कमी न होने दें।
दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।
नींबू पानी, ORS, आम पना और नारियल पानी का सेवन करें।
घर से निकलने से पहले हल्का भोजन जरूर करें, खाली पेट बाहर न जाएं।
लू से बचाव के घरेलू उपाय
प्याज का सेवन लू से बचाव में लाभकारी माना जाता है। इसके अलावा सौंफ का पानी, पुदीना और धनिया का पानी शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं। तरबूज, खीरा और ककड़ी जैसे मौसमी फलों का सेवन अधिक करें।
लू लगने के लक्षण
अगर किसी व्यक्ति को लू लगती है तो तेज बुखार, चक्कर आना, कमजोरी, सिरदर्द, उल्टी और पसीना आना बंद होना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
अगर लू लग जाए तो क्या करें?
तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या आपातकालीन सेवाओं को कॉल करें।
गंभीर स्थिति या बेहोशी की हालत में व्यक्ति को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाएं।
मरीज को ठंडी और छायादार जगह पर रखें।
शरीर के अतिरिक्त कपड़े हटा दें और ठंडी हवा लगने दें।
शरीर का तापमान कम करने के लिए चेहरे, गर्दन और पीठ पर ठंडे पानी की पट्टी रखें या गीले कपड़े से शरीर पोंछें।