मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश को तकनीकी नवाचार और डिजिटल क्रांति का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। इंदौर के ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित होने वाले 'एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव-2025' का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। इस कॉन्क्लेव में देश-दुनिया के टेक दिग्गज शामिल होंगे और निवेश के नए अवसरों की तलाश करेंगे।
जीआईएस निवेश प्रस्तावों को मिलेगी नई उड़ान
एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य जीआईएस-भोपाल में मिले निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारना है। यह मंच प्रदेश के तकनीकी भविष्य को संवारने और निवेशकों को ठोस अवसर प्रदान करने का जरिया बनेगा। इस कॉन्क्लेव में गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, एनवीडिया जैसी बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों सहित 300 से अधिक तकनीकी विशेषज्ञ, उद्योगपति, नीति-निर्माता और निवेशक हिस्सा लेंगे।
चार नई तकनीकी नीतियों की गाइडलाइन जारी होगी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस अवसर पर मध्य प्रदेश की चार नई तकनीकी नीतियों की गाइडलाइन जारी करेंगे। इन नीतियों में ग्लोबल कैपेसिटी सेंटर्स (जीसीसी), सेमीकंडक्टर्स नीति, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी और ड्रोंस संबंधित नीतियां शामिल हैं। ये नीतियां नवाचार, अनुसंधान और निर्माण को प्रोत्साहित कर प्रदेश में क्षेत्रीय स्तर तक तकनीकी उद्यमिता और क्षमताओं को नई ऊंचाइयां देंगी।
दो लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर
फरवरी 2025 में भोपाल में आयोजित जीआईएस में लगभग 100 आईटी कंपनियों के 34 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव से दो लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इनमें से 28 प्रोजेक्ट दो माह में मूर्तरूप ले रहे हैं। राज्य के दो उभरते तकनीकी केंद्र इंदौर और भोपाल इन क्षेत्रों में निवेश के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं।
निवेशकों के लिए मध्य प्रदेश बनेगा पसंदीदा जगह
एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव-2025 के माध्यम से प्रदेश सरकार ने यह साबित कर दिया है कि वह टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सिर्फ बातें नहीं कर रही, बल्कि ठोस कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का नेतृत्व प्रदेश को डिजिटल और तकनीकी नवाचार में अग्रणी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
कॉन्क्लेव की मुख्य विशेषताएं
- नए आईटी पार्क और स्किल डेवलपमेंट सेंटर्स: मुख्यमंत्री नए आईटी पार्क, स्किल डेवलपमेंट सेंटर्स और स्टार्ट-अप इन्क्यूबेटरों का भूमि-पूजन करेंगे।
- सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और इन्क्यूबेशन हब: मुख्यमंत्री 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' और इन्क्यूबेशन हब का उद्घाटन करेंगे।
- एमओयू और आवंटन-पत्रों पर हस्ताक्षर: प्रमुख निवेशकों के साथ एमओयू और आवंटन-पत्रों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
- इंवेस्टमेंट फैसिलिटेशन पोर्टल: निवेशकों को प्रोजेक्ट्स की रियल-टाइम ट्रैकिंग और एकल खिड़की की सुविधा प्रदान करने के लिए इंवेस्टमेंट फैसिलिटेशन पोर्टल का उद्घाटन किया जाएगा।
- सेक्टर-स्पेसिफिक राउंड टेबल मीटिंग्स: कॉन्क्लेव में सेक्टर-स्पेसिफिक राउंड टेबल मीटिंग्स, सूचना प्रौद्योगिकी सलाहकार बोर्ड से वीसी संवाद और मुख्यमंत्री की टेक-लीडर्स के साथ वन-टू-वन बैठकें भी आयोजित की जाएंगी।
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