‘लाड़ली बहना योजना’ का नाम मध्यप्रदेश की लोकप्रिय और महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल है। इसके तहत लाभार्थी महिलाओं के खाते में हर महीने 1250 रुपए की राशि ट्रांसफर की जाती है। मार्च में भी लाड़ली बहनों के खाते में 22वीं किस्त आने वाली है। लेकिन ‘लाड़ली बहना योजना' ने कई जिलों की बहनों को बड़ा झटका दे दिया है। इन जिलों से महिलाओं के नाम कटने की शिकायतें सामने आ रही है। बैतूल और आगर मालवा के कलेक्टर ने एमपी इलेक्ट्रॉनिक डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के एमडी को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दीहै।
इन जिलों में कट गए बहनों के नाम
जिन जिलों से बहनों के नाम कटने की शिकायतें सामने आ रही है। उनमें आगर मालवा, बैतूल, टीकमगढ़ समेत कुछ अन्य जिले भी शामिल हैं। आगर मालवा कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने एमपी इलेक्ट्रॉनिक डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के एमडी को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी है। आगर मालवा कलेक्टर ने पत्र में लिखा कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना पोर्टल के तहत हितग्राहियों के नाम समग्र से डिलीट होने और आधार के समग्र से डीलिंक हो जाने के कारण हर महीने मिलने वाली आर्थिक सहायता नहीं मिल पा रही है। जिले में 58 महिलाओं के नाम समग्र से डिलीट हुए हैं और 142 महिलाओं के आधार समग्र से डीलिंक दिख रहे हैं।
इस वजह से कई लाडली बहना हुई बाहर
जनवरी में 3 हजार 576 महिलाओं को स्कीम से बाहर कर दिया गया, क्योंकि उनकी उम्र 60 साल से ऊपर हो गई थी। आधार कार्ड में महिलाओं की उम्र एक जनवरी है। इस कारण जनवरी में 60 साल की उम्र से ऊपर होने पर कई महिलाओं के नाम योजना से काट दिए गए हैं। इस वजह से इन लाड़ली बहनों के खाते में योजना के पैसे ट्रांसफर नहीं हुए।
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