मध्य प्रदेश समेत तीन राज्यों की जीवन रेखा और करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र मां नर्मदा के संरक्षण को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है। देश के सबसे बड़े सदन में होशंगाबाद (नर्मदापुरम) लोकसभा से बीजेपी सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने संरक्षण को लेकर सवाल खड़े किए। अवैध उत्खनन रोकने समेत संरक्षण संबंधित सुझाव भी दिए। सांसद चौधरी ने लोकसभा में शून्यकाल के दौरान पहले नर्मदा मैया का जयकारा लगाकर अपनी बात शुरू की। साथ ही कहा कि जीवनदायिनी मां नर्मदा के संरक्षण की आज अति आवश्यकता है।
नर्मदा रिवर फ्रंट का विकास किया जाए
उन्होंने कहा कि नर्मदा नदी न केवल मध्य प्रदेश बल्कि गुजरात की जीवन रेखा है। देश की अधिकतम नदियां औद्योगिक प्रदूषण के साथ अति उपभोग से खतरे में हैं। संरक्षण के अभाव में ह्यूमन कंजप्शन के लिए अनफिट होती जा रही हैं। लिहाजा सेंट्रल वाटर कमीशन के संसाधनों का उपयोग करके नर्मदा नदी के संरक्षण की योजना पर फिजिबिलिटी रिपोर्ट बनाई जाना चाहिए। साबरमती रिवर फ्रंट की तर्ज पर नर्मदापुरम में विश्व स्तरीय नर्मदा रिवर फ्रंट का विकास किया जाए। नर्मदा नदी विकास प्राधिकरण डेट बढ़ाकर इन संरक्षण के उपाय को करने के लिए एक इंस्टीट्यूशनल मेकेनिज्म बनाया जाए।
बीजेपी के जनप्रतिनिधि और सरकार दोनों ही संवेदनशील
उधर, बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने कहा कि बीजेपी के जनप्रतिनिधि और सरकार दोनों ही संवेदनशील हैं। सरकार के साथ मिलकर गैरकानूनी कार्य करने वालों के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार ने पर्यावरण संरक्षण के लिए जितने ठोस कदम उठाए, उतने किसी सरकार में नहीं उठाए गए। कांग्रेस यह न भूले कि उनके वरिष्ठ नेता उमंग सिंघार ने ही अपनी पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को माफिया शब्द से सार्वजनिक तौर पर नवाजा था। सांसद चौधरी की मांग पर सरकार भी जल्द ही निर्णय लेगी।
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