मध्य प्रदेश में बीजेपी ने अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के लिए पहली बार बैठकों और प्रवास के लिए सख्त टाइमलाइन तय की है। अब प्रदेश अध्यक्ष से लेकर बूथ स्तर तक हर कार्यकर्ता को महीने भर की गतिविधियों का स्पष्ट शेड्यूल मिलेगा।
पहले 10 दिन: दौरे और जिला बैठकें
नई कार्ययोजना के तहत प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और वरिष्ठ नेता महीने के शुरुआती 10 दिनों में मैदानी दौरों और जिला स्तरीय बैठकों पर फोकस करेंगे। इसका उद्देश्य संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनाना है।
पहला सप्ताह: मंडल स्तर पर फोकस (1–7 तारीख)
महीने के पहले सप्ताह में मंडल स्तर की बैठकों का आयोजन किया जाएगा। इन बैठकों में जिला अध्यक्ष और जिला प्रभारी की उपस्थिति अनिवार्य होगी, ताकि मंडल और वार्ड स्तर तक समन्वय मजबूत हो सके।
दूसरा सप्ताह: जिला स्तर की बैठकें (7–10 तारीख)
दूसरे चरण में जिला मुख्यालयों पर बैठकें होंगी। संभाग प्रभारी, जिला प्रभारी और जिला अध्यक्ष की मौजूदगी में योजनाओं की समीक्षा और भविष्य की रणनीति तैयार की जाएगी।
तीसरा सप्ताह: प्रदेश बैठकें और प्रवास (11–20 तारीख)
महीने के मध्य में प्रदेश स्तरीय बैठकों और वरिष्ठ नेताओं के प्रवास का आयोजन होगा। 15 से 20 तारीख के बीच महत्वपूर्ण बैठकें होंगी, जबकि मोर्चा अध्यक्ष अलग-अलग संभागों का दौरा कर जमीनी स्थिति का आकलन करेंगे।
चौथा सप्ताह: मंडल और शक्ति केंद्र बैठकें (21–25 तारीख)
इस दौरान मंडल अध्यक्ष, शक्ति केंद्र प्रभारी और बूथ अध्यक्षों की बैठकें होंगी। इनमें ‘मन की बात’ कार्यक्रम और बूथ स्तर की रणनीति तय की जाएगी।
अंतिम सप्ताह: टिफिन बैठक और ‘मन की बात’
23 से 30 तारीख के बीच टिफिन बैठक का आयोजन किया जाएगा, जिससे कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बढ़ेगा। महीने के अंतिम रविवार को बूथ स्तर पर ‘मन की बात’ कार्यक्रम भी सुना जाएगा।
उद्देश्य: बेहतर तालमेल और प्रभावी क्रियान्वयन
इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य संगठन को अधिक सक्रिय, संगठित और जमीनी स्तर पर मजबूत बनाना है, ताकि योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।