मध्यप्रदेश बोर्ड परीक्षाएं शुरू होते ही उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। पहले चरण की शुरुआत 22 फरवरी से होगी, जिसमें अंग्रेजी, भौतिक विज्ञान, इतिहास, कृषि और विज्ञान विषयों की कॉपियां जांची जाएंगी। दूसरा चरण 3 मार्च से प्रारंभ किया जाएगा।
शिक्षकों पर बढ़ा काम का दबाव
इस बार मूल्यांकन कार्य में शिक्षकों का दायित्व बढ़ा दिया गया है। पहले प्रतिदिन 30 उत्तरपुस्तिकाएं जांचने का लक्ष्य निर्धारित था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 45 से 60 कॉपियां प्रतिदिन कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इस कदम से मूल्यांकन प्रक्रिया में तेजी आएगी और परीक्षा परिणाम समय पर घोषित किए जा सकेंगे।
भुगतान और भत्ता व्यवस्था
निर्देशों के मुताबिक हाईस्कूल की एक उत्तरपुस्तिका जांचने पर 15 रुपये और हायर सेकेंडरी की कॉपी पर 16 रुपये का भुगतान किया जाएगा। मुख्यालय से बाहर आने वाले शिक्षकों को 180 रुपये वाहन भत्ता, जबकि स्थानीय शिक्षकों को 130 रुपये भत्ता दिया जाएगा।
डिजिटल निगरानी प्रणाली लागू
इस वर्ष मूल्यांकन प्रक्रिया में डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया गया है। शिक्षकों को कार्य शुरू करने से पहले मोबाइल ऐप पर अपनी उपस्थिति दर्ज करनी होगी। उपस्थिति दर्ज किए बिना कॉपियां जांचने की अनुमति नहीं होगी। प्रतिदिन जांची गई उत्तरपुस्तिकाओं का विवरण ऐप और रजिस्टर दोनों में दर्ज करना अनिवार्य रहेगा। निरीक्षण दल ऐप आधारित डाटा के माध्यम से मूल्यांकन केंद्रों की निगरानी करेगा।
समय पर परिणाम घोषित करने की तैयारी
लगभग 16 लाख विद्यार्थियों की करीब सवा करोड़ उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया जाएगा। नई व्यवस्था के जरिए फर्जी उपस्थिति, देरी और लापरवाही पर नियंत्रण रखने की योजना है। बोर्ड परीक्षा इस बार पहले शुरू की गई है और परिणाम भी निर्धारित समय पर जारी करने का लक्ष्य रखा गया है।
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