मध्य प्रदेश में ई-व्हीकल खरीदने पर अब आम लोगों को न तो सब्सिडी मिलेगी और न ही किसी तरह का इन्सेंटिव मिलेगा। वित्त विभाग की आपत्ति के बाद अब ईवी पॉलिसी बदलाव के साथ लागू होगी। बता दें, इससे पहले नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग पॉलिसी का जो ड्रॉफ्ट तैयार किया था, उसमें टू-व्हीलर, थ्री व्हीलर और फोर व्हीलर खरीदने पर 10 हजार से 10 लाख रुपए तक की छूट देने का प्रावधान किया था। इस पर वित्त विभाग को आपत्ति थी।
सब्सिडी के साथ इन्सेंटिव के प्रावधान को हटा दिया है
दरअसल छूट देने के बाद सरकार के खजाने पर तीन हजार करोड़ से ज्यादा का वित्तीय भार पड़ने वाला था। इस आपत्ति के बाद शुक्रवार को सीनियर अफसरों की कमेटी ने नए सिरे से पॉलिसी के ड्रॉफ्ट को लेकर मंथन किया और सब्सिडी के साथ इन्सेंटिव के प्रावधान को हटा दिया है।
टैक्स और रजिस्ट्रेशन पर ही छूट मिलेगी
ई-व्हीकल खरीदने पर अब टैक्स और रजिस्ट्रेशन पर ही छूट मिलेगी, वह भी केवल एक साल के लिए ही होगी। मतलब साफ है, जो पॉलिसी लागू होने के बाद एक साल के अंदर ईवी खरीदता है तो उसे इसका फायदा मिलेगा। पॉलिसी ड्राफ्ट में 1 साल पार्किंग में छूट, टोल से 50% की छूट ,चार्जिंग स्टेशन को सस्ती बिजली जैसी सुविधा प्रस्तावित थी।
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