रायपुर। राजधानी रायपुर से लगे नवा रायपुर के तूता गांव में एनआरडीए (NRDA) द्वारा 35 मकानों पर अतिक्रमण का नोटिस चस्पा किए जाने के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। नोटिस में 6 जुलाई 2026 तक जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। तय समय में जवाब नहीं मिलने पर एकपक्षीय कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है।
30 जून को जारी किया गया नोटिस
जानकारी के अनुसार, एनआरडीए ने 30 जून 2026 को जारी नोटिस में संबंधित परिवारों पर प्राधिकरण की भूमि पर अवैध निर्माण और अतिक्रमण करने का आरोप लगाया है। नोटिस के अनुसार संबंधित पक्षों को 6 जुलाई 2026 को सुबह 11 बजे कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है। यदि निर्धारित समय तक जवाब नहीं दिया गया तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नकटी गांव की कार्रवाई के बाद बढ़ी ग्रामीणों की चिंता
तूता गांव के ग्रामीणों का कहना है कि 29 जून को रायपुर के नकटी गांव में विधायक कॉलोनी निर्माण के लिए 80 से अधिक मकानों को तोड़े जाने के बाद से वे पहले ही भय के माहौल में हैं। उनका कहना है कि नकटी में भी पहले नोटिस चस्पा किए गए थे और उसके बाद बुलडोजर चलाकर मकानों को ध्वस्त कर दिया गया। इसी कारण अब तूता के लोगों में भी कार्रवाई की आशंका बढ़ गई है।
30 से 35 वर्षों से रह रहे हैं ग्रामीण
ग्रामीणों का दावा है कि वे पिछले 30 से 35 वर्षों से इस क्षेत्र में मकान बनाकर रह रहे हैं। वहीं, एनआरडीए के नोटिस में आरोप लगाया गया है कि प्राधिकरण की भूमि पर लगभग 700 वर्गफीट क्षेत्र में पक्का निर्माण कर अतिक्रमण किया गया है। अब सभी प्रभावित परिवार तय समय सीमा के भीतर अपना पक्ष रखने की तैयारी में जुटे हैं।