देशभर के किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अगली किस्त का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। जनवरी और फरवरी गुजरने के बावजूद सरकार की ओर से 22वीं किस्त की तारीख पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। ऐसे में अटकलें तेज हैं कि पैसे कब तक किसानों के खाते में पहुंचेंगे।
किस्त की आधिकारिक तारीख पर सस्पेंस बरकरार
सरकार ने अब तक 22वीं किस्त के भुगतान की कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की है। आमतौर पर हर चार महीने में यह किस्त जारी होती है, लेकिन इस बार देरी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
विभिन्न राज्यों में सत्यापन प्रक्रियाओं और फंड रिलीज़ शेड्यूल को लेकर भी चर्चा है, जिसके चलते घोषणा में देरी होने की बात सामने आ रही है। फिर भी अपेक्षा यही है कि किसी भी समय आधिकारिक सूचना जारी की जा सकती है।
24 फरवरी या होली से पहले आने की चर्चाएं
मीडिया रिपोर्ट्स में 24 फरवरी के आसपास किस्त जारी होने का अनुमान लगाया जा रहा है। कई रिपोर्ट्स का दावा है कि सरकार होली से पहले किसानों को बड़ी राहत दे सकती है। हालांकि ये सिर्फ अनुमान हैं, वास्तविक तारीख वही मानी जाएगी जब केंद्र सरकार या कृषि मंत्रालय की ओर से इसकी घोषणा की जाएगी।
पीएम किसान स्टेटस ऐसे करें चेक
किसानों की सुविधा के लिए पीएम किसान योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर स्टेटस चेक करना काफी आसान है। किसान अपने मोबाइल नंबर, आधार नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर के माध्यम से आसानी से पता कर सकते हैं कि अगली किस्त के लिए उनका आवेदन और ई-केवाईसी पूरा है या नहीं। स्टेटस में ‘फंड ट्रांसफर’, ‘अंडर प्रोसेस’ और ‘ई-केवाईसी पेंडिंग’ जैसे अपडेट साफ दिखाई देते हैं, जिनसे किसानों को किस्त की स्थिति की पूरी जानकारी मिल जाती है।
इस बार ई-केवाईसी को लेकर भी सख़्ती
कई राज्यों में पिछली किस्तें न मिलने का मुख्य कारण ई-केवाईसी का अधूरा होना पाया गया था। इस बार भी अनुमान है कि सरकार केवल उन्हीं किसानों के खाते में पैसे भेजेगी जिन्होंने ई-केवाईसी, बैंक लिंकिंग और भूमि रिकॉर्ड सत्यापन पूरा कर लिया है। इस वजह से किसानों को सलाह दी जा रही है कि वे किस्त से पहले अपना पूरा ऑनलाइन सत्यापन सुनिश्चित कर लें।
कब आएंगे 2-2 हजार रुपये?
चूंकि आधिकारिक घोषणा अभी तक नहीं हुई है, इसलिए 2-2 हजार रुपये कब क्रेडिट होंगे, यह कहना मुश्किल है। लेकिन संकेत यही हैं कि सरकारी प्रक्रियाओं के पूरा होते ही यह किस्त किसी भी समय जारी की जा सकती है। यदि मीडिया रिपोर्ट्स का अनुमान सही हुआ तो यह फरवरी के आखिरी सप्ताह या होली से पहले किसानों के खाते में पहुंच सकती है।
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