राजधानी रायपुर में महापौर के खिलाफ कथित तौर पर अश्लील गाली-गलौज वाला वीडियो बनाने और उसे प्रसारित किए जाने के मामले में सिविल लाइन पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले में विजय उर्फ सोनू महेश्वरी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने पूछताछ के दौरान घटना को अंजाम देना स्वीकार किया है।
प्रार्थी ने 3 सितंबर को दर्ज कराई थी शिकायत
पुलिस के अनुसार, प्रार्थी अनिल सोनकर ने 3 सितंबर 2026 को थाना सिविल लाइन में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि एक अज्ञात व्यक्ति ने रायपुर महापौर के खिलाफ अश्लील गाली-गलौज करते हुए वीडियो बनाया था।
वीडियो प्रसारित करने का भी आरोप
शिकायत के मुताबिक, यह वीडियो मिरर छत्तीसगढ़ की एंकर सोमा देवांगन द्वारा कथित तौर पर आपत्तिजनक शब्दों को हटाए बिना प्रसारित किया गया। प्रार्थी ने आरोप लगाया कि इस तरह वीडियो प्रसारित कर समाज में अशांति फैलाने का प्रयास किया गया।
अपराध क्रमांक 475/2026 में दर्ज हुआ मामला
शिकायत के आधार पर थाना सिविल लाइन पुलिस ने अपराध क्रमांक 475/2026 दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू की। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन और थाना प्रभारी सिविल लाइन के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मामले से जुड़े लोगों और गवाहों से पूछताछ की।
जांच के दौरान विजय उर्फ सोनू की पहचान
पुलिस के मुताबिक, अज्ञात आरोपी की तलाश के दौरान जांच टीम ने विजय उर्फ सोनू महेश्वरी को चिन्हित किया। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जहां पुलिस का दावा है कि आरोपी ने घटना को अंजाम देना स्वीकार किया।
घटना में इस्तेमाल मोबाइल फोन जब्त
पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन जब्त किया है। पुलिस अब जब्त मोबाइल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की आगे जांच कर रही है।
आरोपी विजय उर्फ सोनू गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपी की पहचान विजय उर्फ सोनू महेश्वरी, पिता नारायण महेश्वरी, उम्र 24 वर्ष के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार वह देवपुरी, आमातालाब, दुर्गा मंदिर के पास, थाना टिकरापारा, रायपुर का रहने वाला है।
सोमा देवांगन की तलाश जारी
पुलिस के अनुसार, मामले में नाम सामने आने के बाद सोमा देवांगन की तलाश की जा रही है। पुलिस उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। फिलहाल उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है और पुलिस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
पुलिस खंगाल रही वीडियो और डिजिटल साक्ष्य
मामले में पुलिस वीडियो के निर्माण और प्रसारण से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। जब्त मोबाइल फोन समेत अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस घटना में शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट करने का प्रयास कर रही है।