राजनांदगांव। राजनांदगांव जिले में हाल ही में निर्मित रेलवे ओवरब्रिजों में पहली ही बारिश के बाद आई दरारों का मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर गंभीर होता जा रहा है। छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
डॉ. रमन सिंह ने बताया गंभीर मामला
डॉ. रमन सिंह ने अपने पत्र में कहा है कि करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित रेलवे ओवरब्रिजों का पहली ही बारिश में क्षतिग्रस्त होना अत्यंत चिंताजनक और गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि यह घटना निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है तथा इसकी निष्पक्ष और व्यापक जांच आवश्यक है।
रेल मंत्री से उच्च स्तरीय जांच कराने का आग्रह
विधानसभा अध्यक्ष ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से पूरे मामले की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने मांग की है कि जांच में निर्माण कार्य की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों के पालन और जिम्मेदार एजेंसियों की भूमिका की विस्तार से पड़ताल की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग
डॉ. रमन सिंह ने पत्र में स्पष्ट किया है कि यदि जांच में निर्माण कार्य में लापरवाही, अनियमितता या भ्रष्टाचार सामने आता है तो संबंधित अधिकारियों, निर्माण एजेंसी और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक धन से बनने वाले बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।
पहली बारिश में सामने आई थीं दरारें
गौरतलब है कि राजनांदगांव जिले के बरगा और अलीवारा क्षेत्र में हाल ही में निर्मित रेलवे ओवरब्रिजों में पहली ही बारिश के बाद लंबी दरारें और क्षति सामने आई थी। स्थानीय लोगों ने निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की थी। इसके बाद रेलवे अधिकारियों ने भी मौके का निरीक्षण कर जांच शुरू की थी।
पहले सांसद संतोष पांडे भी लिख चुके हैं पत्र
इस मामले में इससे पहले राजनांदगांव लोकसभा सांसद संतोष पांडे भी केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर उच्च स्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर चुके हैं। उन्होंने दावा किया था कि करोड़ों रुपये की लागत से बने ओवरब्रिज में पहली ही बारिश के बाद 60 से 70 फीट लंबी दरारें आ गईं, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
अब जांच और कार्रवाई पर टिकी निगाहें
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के हस्तक्षेप के बाद यह मामला और अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। अब सभी की निगाहें रेल मंत्रालय की कार्रवाई और प्रस्तावित उच्च स्तरीय जांच पर टिकी हैं। यदि जांच में निर्माण में अनियमितता या लापरवाही की पुष्टि होती है, तो संबंधित एजेंसियों और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की संभावना बढ़ सकती है।