राजस्व के मामलों के निराकरण के लिए सरकार बार-बार महा अभियान चलाती है। इसमें लाखों प्रकरणों का समाधान भी होता है, लेकिन यह समस्या ही ना रहे, इसके लिए सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसके बाद राजस्व न्यायालय में तारीख पर तारीख मिलने की शिकायत नहीं रहेगी।
इन प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर
नायब तहसीलदार और तहसीलदार के न्यायिक और कानून व्यवस्था के साथ प्रोटोकॉल (सत्कार) संबंधी दायित्व अलग-अलग निर्धारित होंगे। एक अधिकारी कानून व्यवस्था और सत्कार संबंधी काम देखेगा। जबकि, बाकी अधिकारियों को राजस्व न्यायालय में बैठना होगा। राजस्व विभाग के इस प्रस्ताव पर निर्णय मंगलवार को नर्मदापुरम जिले के पर्यटन स्थल पचमढ़ी के राजभवन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में लिया जाएगा। इसका लाभ यह होगा कि न्यायालय में उपस्थिति सुनिश्चित होगी और प्रकरणों का निराकरण समय सीमा में हो सकेगा।
पचमढ़ी में मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग 33.88 करोड़ रुपये की लागत के 11 विकास कार्यों का लोकार्पण और लगभग 20.49 करोड़ रुपये की लागत के नौ कामों का भूमिपूजन करेंगे।
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