बस्तर में H1N1 यानी स्वाइन फ्लू के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। बस्तर मेडिकल कॉलेज में संक्रमण की पुष्टि वाले 4 मरीज भर्ती हैं। इनमें दो मरीज जगदलपुर, एक कोंडागांव और एक मरीज ओडिशा का रहने वाला है।
मरीजों को अन्य मरीजों से अलग रखकर इलाज किया जा रहा है। संक्रमण को देखते हुए मेडिकल कॉलेज में आइसोलेशन वार्ड भी तैयार किया गया है, ताकि संदिग्ध और संक्रमित मरीजों के उपचार में सावधानी बरती जा सके।
ओडिशा बॉर्डर पर स्क्रीनिंग की व्यवस्था नहीं
बस्तर की सीमा ओडिशा से जुड़ी हुई है और दोनों राज्यों के बीच रोजाना बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही होती है। ऐसे में दूसरे राज्य से आने-जाने वाले लोगों के बीच संक्रमण की निगरानी स्वास्थ्य विभाग के लिए अहम हो जाती है।हालांकि, फिलहाल ओडिशा सीमा पर स्वाइन फ्लू की स्क्रीनिंग की कोई व्यवस्था नहीं है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों को देखते हुए संक्रमण पर निगरानी रखना जरूरी है। अभी बॉर्डर पर जांच को लेकर कोई नई व्यवस्था शुरू नहीं की गई है।
अस्पतालों में टैमीफ्लू का पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश
स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल कॉलेज समेत जिले के अस्पतालों को स्वाइन फ्लू को लेकर सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। संक्रमण की जांच के लिए RT-PCR टेस्ट की व्यवस्था की गई है।मेडिकल कॉलेज की वायरोलॉजी लैब में संदिग्ध मरीजों के सैंपल की जांच की जा रही है। इसके साथ ही अस्पतालों को स्वाइन फ्लू के इलाज में इस्तेमाल होने वाली टैमीफ्लू की गोलियां और सिरप पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वाइन फ्लू के इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक स्वाइन फ्लू होने पर कई तरह के लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इनमें मुख्य रूप से:
तेज बुखार
सिरदर्द
खांसी
गले में खराश
सांस लेने में परेशानी
कुछ मामलों में उल्टी और दस्त
जैसे लक्षण शामिल हो सकते हैं।
ऐसे लक्षण दिखाई देने पर खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से जांच और चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की गई है।
भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क लगाने की सलाह
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से संक्रमण से बचाव के लिए सावधानी बरतने की अपील की है। भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क लगाने, बाहर से आने के बाद हाथ साफ करने और खांसते या छींकते समय मुंह-नाक ढंकने की सलाह दी गई है।खास तौर पर बुजुर्गों और पहले से गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों को संक्रमण से बचने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग की बढ़ी निगरानी
बस्तर में फिलहाल 4 एक्टिव मरीजों के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अस्पतालों और जांच व्यवस्था पर नजर बनाए हुए है। RT-PCR जांच, आइसोलेशन व्यवस्था और दवाओं के स्टॉक पर जोर दिया जा रहा है, ताकि संदिग्ध मामलों की समय पर पहचान और उपचार किया जा सके।