रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के सांसद और मुख्य प्रवक्ता संतोष पाण्डेय ने पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था और लोकतंत्र की स्थिति को लेकर एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने राज्य में बढ़ती राजनीतिक हिंसा, कथित दमनकारी रवैये और अशोक दास से जुड़े मामले को लेकर ममता बनर्जी सरकार पर तीखा हमला बोला। संतोष पाण्डेय ने कहा कि अशोक दास मामले में सच्चाई को दबाने की कोशिश की जा रही है और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से जुड़े नेताओं की भूमिका की निष्पक्ष जांच नहीं हो पा रही है। उन्होंने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए दोषी नेताओं पर सख्त कार्रवाई की बात कही।
बीजेपी सांसद ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में इस समय “खूनी माहौल” बना हुआ है और लोकतांत्रिक संस्थाओं को लगातार कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने हाल ही में एक महिला पत्रकार के साथ कथित अभद्र व्यवहार की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि यह दर्शाता है कि बंगाल में न सिर्फ आम नागरिक बल्कि मीडिया भी सुरक्षित नहीं है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाते हुए संतोष पाण्डेय ने कहा कि राज्य सरकार बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्याओं को संरक्षण दे रही है, जिससे देश की आंतरिक सुरक्षा पर सीधा खतरा पैदा हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि वोट बैंक की राजनीति के लिए राज्य के संसाधनों का दुरुपयोग किया जा रहा है और संवैधानिक ढांचे को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में टीएमसी और बीजेपी के बीच जारी तीखी बयानबाजी का भी जिक्र हुआ। बीजेपी का आरोप है कि टीएमसी फर्जी मतदाताओं के सहारे चुनाव जीतना चाहती है और राज्य की मतदाता सूची में बड़ी संख्या में फर्जी नाम जोड़े गए हैं। वहीं, टीएमसी इन सभी आरोपों को राजनीतिक साजिश बताते हुए खारिज करती रही है और बीजेपी पर बंगाल की छवि खराब करने का आरोप लगाती है। संतोष पाण्डेय ने दो टूक कहा कि पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र सुरक्षित नहीं है और दमनकारी शासन के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी चुप नहीं बैठेगी।
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