पटना: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा देश की प्रमुख राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल है। हर साल बड़ी संख्या में अभ्यर्थी इसमें शामिल होकर प्रशासनिक सेवाओं में जाने का सपना देखते हैं। हालांकि, हजारों उम्मीदवारों के बीच कुछ अभ्यर्थी अपनी मेहनत और रणनीति के दम पर टॉप रैंक हासिल करते हैं। पिछले तीन वर्षों में BPSC परीक्षा में टॉप करने वाले अभ्यर्थियों की कहानियां भी काफी प्रेरक रही हैं। इनमें सेल्फ स्टडी, लगातार मेहनत और सही रणनीति जैसे पहलू देखने को मिलते हैं। 68वीं BPSC परीक्षा में प्रियांगी मेहता, 69वीं में उज्जवल कुमार उपकार और 70वीं में श्रद्धा पांडेय ने पहला स्थान हासिल किया। आइए जानते हैं इन तीनों टॉपर्स की पढ़ाई और सफलता की कहानी।
BPSC 70वीं के टॉपर श्रद्धा पांडेय कौन हैं?
BPSC 70वीं परीक्षा में उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ की रहने वाली श्रद्धा पांडेय ने रैंक 1 हासिल की। श्रद्धा एक साधारण परिवार से आती हैं और पढ़ाई में शुरू से ही अच्छा प्रदर्शन करती रही हैं। उनके पिता पेशे से वकील हैं और श्रद्धा की शुरुआती पढ़ाई उनके गृह नगर में ही हुई। BPSC से पहले भी श्रद्धा प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर चुकी थीं। साल 2024 की UP PCS परीक्षा में उनका चयन असिस्टेंट कमिश्नर GST के पद पर हुआ था। इस परीक्षा में श्रद्धा की रैंक 153 रही थी। इसके बाद उन्होंने बिहार की सबसे प्रतिष्ठित राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षा में हिस्सा लिया। BPSC 70वीं में टॉप रैंक हासिल कर उन्होंने अपनी उपलब्धियों में एक और बड़ी कामयाबी जोड़ ली।
BPSC 69वीं के टॉपर उज्जवल कुमार उपकार की कहानी
सीतामढ़ी के रहने वाले उज्जवल कुमार उपकार ने BPSC 69वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में रैंक 1 हासिल की। उनकी सफलता की खास बात यह रही कि उन्होंने बिना किसी कोचिंग के अपनी तैयारी के दम पर परीक्षा में टॉप किया। उज्जवल ने BTech की पढ़ाई की है और BPSC में चयन से पहले वह वैशाली जिले के गोरौल में प्रखंड कल्याण पदाधिकारी के तौर पर काम कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने साल 2021 और 2022 में UPSC CSE परीक्षा भी दी थी। अपने इंटरव्यू में उज्जवल ने तैयारी के दौरान NCERT की किताबों पर फोकस करने की बात बताई थी। उन्होंने पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों को हल करने को भी अपनी तैयारी का अहम हिस्सा बनाया। उनका सफर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए खासा उपयोगी माना जा सकता है।
BPSC 68वीं की टॉपर प्रियांगी मेहता कौन हैं?
BPSC 68वीं परीक्षा में पटना सिटी के संदलपुर की रहने वाली प्रियांगी मेहता ने पहला स्थान हासिल किया था। प्रियांगी ने पहली कोशिश में ही सेल्फ स्टडी के जरिए BPSC परीक्षा में टॉप किया। उनके पिता मिथिलेश कुमार इलेक्ट्रॉनिक रिपेयरिंग की दुकान चलाते हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं। परिवार में उनके दादाजी राजेश्वर प्रसाद सचिवालय में नौकरी कर चुके थे और रेवेन्यू डिपार्टमेंट से क्लर्क के पद से रिटायर हुए थे। BPSC में सफलता के बाद प्रियांगी का चयन भी रेवेन्यू ऑफिसर के पद पर हुआ। इस तरह उनका काम उसी विभाग से जुड़ गया, जहां उनके दादाजी ने अपनी सरकारी सेवा पूरी की थी। उनकी कहानी परिवार की पृष्ठभूमि से आगे बढ़कर पढ़ाई और सेल्फ स्टडी के जरिए प्रतियोगी परीक्षा में सफलता हासिल करने की मिसाल पेश करती है।
पढ़ाई में भी शानदार रहा है प्रियांगी का रिकॉर्ड
प्रियांगी मेहता की पढ़ाई का रिकॉर्ड भी काफी अच्छा रहा है। उन्होंने सत्यम इंटरनेशनल स्कूल से 10वीं की पढ़ाई पूरी की और इसमें उन्हें 10 CGPA मिला था। इसके बाद उन्होंने अरविंद महिला कॉलेज से आर्ट्स यानी ह्यूमैनिटीज विषय में 12वीं की पढ़ाई की। साल 2018 में बिहार बोर्ड से 12वीं की परीक्षा पास करने के दौरान उन्होंने राज्य में दूसरा स्थान हासिल किया था। इंटरमीडिएट के बाद प्रियांगी ने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी यानी BHU से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। उन्होंने यहां राजनीतिक विज्ञान विषय से ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई के दौरान मजबूत अकादमिक प्रदर्शन के बाद उन्होंने प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी पर फोकस किया। आखिरकार सेल्फ स्टडी के दम पर उन्होंने BPSC 68वीं परीक्षा में पहला स्थान हासिल किया।
पिछले 3 साल के BPSC Toppers पर एक नजर
पिछले तीन वर्षों की BPSC परीक्षाओं में अलग-अलग पृष्ठभूमि से आने वाले अभ्यर्थियों ने टॉप रैंक हासिल की है। BPSC 68वीं परीक्षा में प्रियांगी मेहता ने पहला स्थान हासिल किया था। इसके बाद BPSC 69वीं परीक्षा में सीतामढ़ी के उज्जवल कुमार उपकार टॉपर बने। वहीं BPSC 70वीं परीक्षा में उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ की श्रद्धा पांडेय ने रैंक 1 हासिल की। इन तीनों की तैयारी के तरीके और शैक्षणिक पृष्ठभूमि अलग-अलग रही है। किसी ने सेल्फ स्टडी पर भरोसा किया तो किसी ने पहले दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की। इन टॉपर्स की कहानियों में लगातार तैयारी, विषयों की समझ और पिछले प्रश्नपत्रों की प्रैक्टिस जैसे पहलू सामने आते हैं। यही वजह है कि BPSC की तैयारी करने वाले उम्मीदवार इनके सफर से अपनी तैयारी के लिए कई बातें सीख सकते हैं।