राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने गुरुवार को NEET UG 2026 का परिणाम घोषित करते हुए देशभर के लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों की प्रतीक्षा समाप्त कर दी। एजेंसी के अनुसार इस बार परिणाम निर्धारित समयसीमा के भीतर जारी किया गया है, जिससे मेडिकल और डेंटल पाठ्यक्रमों में प्रवेश की काउंसलिंग प्रक्रिया बिना किसी विलंब के शुरू की जा सकेगी। देश और विदेश के लगभग 20 लाख अभ्यर्थियों ने इस परीक्षा में भाग लिया था, जिनमें से 11.21 लाख उम्मीदवारों ने सफलता प्राप्त की। समय पर परिणाम जारी होने से शैक्षणिक सत्र भी तय कार्यक्रम के अनुसार संचालित होने की संभावना बढ़ गई है।
13 भाषाओं में हुई परीक्षा, हजारों केंद्रों पर रही कड़ी निगरानी
इस वर्ष NEET UG परीक्षा 21 जून को देश के 551 शहरों तथा विदेश के 14 शहरों में आयोजित की गई। परीक्षा के लिए कुल 5,440 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां 13 भाषाओं में अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने परीक्षा के दौरान पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक तकनीकी एवं प्रशासनिक व्यवस्थाएं लागू की थीं। परीक्षा के सफल संचालन के बाद उत्तर कुंजी जारी की गई और आपत्तियों के निस्तारण के उपरांत अंतिम उत्तर कुंजी के आधार पर परिणाम घोषित किया गया। इस पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।
पंजाब और हरियाणा के छात्रों ने साझा किया पहला स्थान
इस वर्ष ऑल इंडिया स्तर पर पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पंशुल बंसल ने संयुक्त रूप से 715 अंक प्राप्त कर सर्वोच्च स्थान हासिल किया। दोनों छात्रों के उत्कृष्ट प्रदर्शन ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। इसके अलावा विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के टॉपर्स की सूची भी जारी की गई है, जिसमें लद्दाख की जिग्मेट यांगचेन लामो, अंडमान एवं निकोबार के ध्रुव त्रिपाठी तथा लक्षद्वीप की फहमीदा अनीस ने अपने-अपने क्षेत्रों में शीर्ष स्थान प्राप्त किया। इस वर्ष शीर्ष स्थानों पर पहली बार परीक्षा देने वाले और 17 से 19 वर्ष आयु वर्ग के अभ्यर्थियों का विशेष दबदबा देखने को मिला।
छात्राओं ने फिर दिखाई शानदार सफलता, उत्तर प्रदेश रहा सबसे आगे
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष सफल अभ्यर्थियों में 58 प्रतिशत से अधिक छात्राएं हैं, जो मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ती महिला भागीदारी का सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। राज्यवार परिणामों में उत्तर प्रदेश सबसे आगे रहा, जहां 1.7 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा उत्तीर्ण की। वहीं, छोटे केंद्रशासित प्रदेशों में भी उल्लेखनीय प्रदर्शन देखने को मिला। लक्षद्वीप से 43 अभ्यर्थियों ने सफलता प्राप्त कर राज्य के लिए उपलब्धि दर्ज की। परिणामों से स्पष्ट है कि देशभर में मेडिकल शिक्षा के प्रति युवाओं का उत्साह लगातार बढ़ रहा है।
उच्च अंक प्राप्त करने वालों की संख्या भी रही उल्लेखनीय
इस वर्ष प्रतियोगिता का स्तर काफी ऊंचा रहा। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के अनुसार 138 अभ्यर्थियों ने 690 से अधिक अंक प्राप्त किए, जबकि 19 उम्मीदवारों ने 700 से अधिक अंक हासिल कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। एजेंसी ने सभी श्रेणियों के लिए कट-ऑफ अंक तथा सामान्य, अन्य पिछड़ा वर्ग (नॉन-क्रीमी लेयर), अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और अन्य श्रेणियों के टॉपर्स की सूची भी सार्वजनिक कर दी है। इससे अभ्यर्थियों को अपनी श्रेणी के अनुसार आगे की प्रवेश प्रक्रिया में आवश्यक जानकारी प्राप्त हो सकेगी।
काउंसलिंग को लेकर एनटीए की महत्वपूर्ण सलाह
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने परिणाम के साथ अभ्यर्थियों को सतर्क रहने की भी सलाह दी है। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि मेडिकल प्रवेश से जुड़ी काउंसलिंग संबंधी जानकारी केवल आधिकारिक पोर्टलों से ही प्राप्त करें और किसी भी प्रकार के फर्जी कॉल, संदेश या सीट दिलाने के नाम पर किए जाने वाले प्रलोभनों से बचें। ऑल इंडिया कोटा के अंतर्गत एमबीबीएस और बीडीएस पाठ्यक्रमों की काउंसलिंग मेडिकल काउंसलिंग कमेटी द्वारा आयोजित की जाएगी, जबकि राज्य कोटा की काउंसलिंग संबंधित राज्य सरकारों और उनके अधिकृत प्राधिकरणों के माध्यम से संपन्न होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि सही समय पर दस्तावेजों की तैयारी और आधिकारिक सूचना पर नजर बनाए रखना अभ्यर्थियों के लिए अत्यंत आवश्यक होगा।