पश्चिम एशिया के संवेदनशील समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य में एक थाईलैंड के झंडे वाले मालवाहक जहाज पर मिसाइल हमला किया गया। यह जहाज संयुक्त अरब अमीरात के खलीफा बंदरगाह से रवाना होकर भारत के गुजरात स्थित कांडला बंदरगाह की ओर आ रहा था। अचानक हुए इस हमले के कारण जहाज में आग लग गई और भारी धुआं उठने लगा, जिससे चालक दल के सदस्यों में अफरा-तफरी मच गई।
इंजन कक्ष में लगी आग, चालक दल के सदस्य लापता
हमले के दौरान अज्ञात स्रोत से दो प्रोजेक्टाइल दागे गए, जो सीधे जहाज के इंजन कक्ष में जाकर लगे। इसके परिणामस्वरूप वहां भीषण आग लग गई और जहाज का संचालन बाधित हो गया। स्थिति गंभीर होते देख चालक दल के सदस्यों को जहाज खाली करना पड़ा। अब तक बीस चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि तीन सदस्य अभी भी लापता बताए जा रहे हैं और आशंका है कि वे इंजन कक्ष में फंसे हो सकते हैं। उनकी तलाश के लिए खोज और बचाव अभियान जारी है।
भारत ने घटना की कड़ी निंदा की
भारत के विदेश मंत्रालय ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर चलने वाले व्यावसायिक जहाजों को सैन्य हमलों का लक्ष्य बनाना अत्यंत चिंताजनक है। भारत ने यह भी कहा कि इस प्रकार की घटनाएं निर्दोष लोगों की जान को खतरे में डालती हैं और वैश्विक समुद्री व्यापार की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती पैदा करती हैं।
क्षेत्रीय संघर्ष का बढ़ता प्रभाव
विदेश मंत्रालय के बयान में यह भी कहा गया कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के दौरान पहले भी कई ऐसे हमले हुए हैं, जिनमें कई निर्दोष लोगों की जान जा चुकी है। इन घटनाओं में कुछ भारतीय नागरिक भी प्रभावित हुए थे। भारत ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि हाल के समय में इन हमलों की तीव्रता और घातकता लगातार बढ़ती जा रही है।
हमले की जिम्मेदारी और जांच
इस हमले की जिम्मेदारी ईरान की क्रांतिकारी गार्ड्स सेना ने ली है। इसके बाद थाईलैंड की नौसेना ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी इस घटना पर नजर बनाए हुए है, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य विश्व के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है और यहां होने वाली किसी भी अस्थिरता का असर वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है।
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