नई दिल्ली: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर भारत पहुंच गए हैं। मिडिल ईस्ट में जारी तनावपूर्ण हालात के बीच इस दौरे को बेहद अहम माना जा रहा है। यह हाल के समय में ईरान की ओर से भारत के साथ पहला बड़ा कूटनीतिक संपर्क है।
ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में लेंगे हिस्सा
अब्बास अराघची नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेंगे। इस बैठक में वैश्विक आर्थिक सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा और ग्लोबल साउथ की भूमिका जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। माना जा रहा है कि बैठक में बदलते अंतरराष्ट्रीय समीकरणों पर भी रणनीतिक बातचीत होगी।
एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता
दौरे के दौरान ईरानी विदेश मंत्री भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे। इस बातचीत में मिडिल ईस्ट के मौजूदा हालात, खासकर अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव पर विस्तार से चर्चा हो सकती है।
होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर भारत की नजर
सूत्रों के मुताबिक होर्मुज़ जलडमरूमध्य की स्थिति भी बैठक का अहम मुद्दा रहेगी। दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल की सप्लाई इसी समुद्री मार्ग से गुजरती है। ऐसे में भारत अपने व्यापारिक जहाजों और ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा को लेकर चिंता जता सकता है।
प्रधानमंत्री मोदी से भी हो सकती है मुलाकात
ब्रिक्स बैठक में शामिल सभी विदेश मंत्रियों की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की भी संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि इस दौरान वैश्विक राजनीति, व्यापार और बहुपक्षीय सहयोग को लेकर महत्वपूर्ण बातचीत हो सकती है।
ईरान ने बताया बड़ा अवसर
ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम गरीबाबादी ने कहा कि ब्रिक्स जैसे मंच बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने और वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में सुधार लाने का बड़ा अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि विकासशील देशों की आवाज को मजबूत करने में ब्रिक्स की भूमिका लगातार बढ़ रही है।
भारत-ईरान संबंधों के लिए अहम दौरा
विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा केवल भारत-ईरान संबंधों के लिहाज से ही नहीं, बल्कि वैश्विक राजनीति और ऊर्जा सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।