उत्तर प्रदेश में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) इकोसिस्टम को मजबूत करने और वैश्विक निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से एक उच्चस्तरीय राउंडटेबल बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक तेलंगाना की राजधानी Hyderabad में आयोजित हुई, जिसमें देश-विदेश के उद्योग जगत के दिग्गजों और नीति निर्माताओं ने हिस्सा लिया। इस बैठक का नेतृत्व Invest UP की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (ACE0) प्रेरणा शर्मा ने किया। बैठक में उत्तर प्रदेश को GCC हब के रूप में स्थापित करने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
यूपी की बड़ी ताकतें
- चर्चा के दौरान बताया गया कि उत्तर प्रदेश तेजी से एक मजबूत GCC डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है। इसके पीछे मुख्य कारण हैं—
- बेहतर और तेजी से विकसित हो रहा इंफ्रास्ट्रक्चर
- विशाल और कुशल टैलेंट पूल
- निवेश के लिए अनुकूल सरकारी नीतियां
- तकनीकी और डिजिटल सेक्टर में तेजी से बढ़ता इकोसिस्टम
शिक्षा संस्थानों की अहम भूमिका
- प्रदेश के प्रमुख संस्थानों की भूमिका को भी विशेष रूप से सराहा गया। इनमें शामिल हैं—
- Indian Institute of Technology Kanpur और Banaras Hindu University
- इन संस्थानों को भविष्य के लिए तैयार प्रतिभा और इनोवेशन का बड़ा केंद्र बताया गया।
AI और ड्रोन टेक्नोलॉजी पर फोकस
बैठक में यह भी सामने आया कि उत्तर प्रदेश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ड्रोन टेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिससे राज्य में वैश्विक कंपनियों का भरोसा और मजबूत हो रहा है।
हैदराबाद में हुई इस राउंडटेबल बैठक ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश अपनी मजबूत नीतियों, इंफ्रास्ट्रक्चर और टैलेंट के दम पर जल्द ही भारत का प्रमुख ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर हब बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।