मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में अवैध खनिज परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण और राजस्व चोरी रोकने के उद्देश्य से सरकार ने ई-चेकगेट व्यवस्था लागू की है। आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी आधारित इस निगरानी प्रणाली के जरिए अब तक 20 जिलों में कार्रवाई की जा चुकी है।
139 मामलों में 4.12 करोड़ रुपये का अर्थदंड
मुख्यमंत्री के अनुसार ई-चेकगेट प्रणाली के माध्यम से अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन से जुड़े 139 प्रकरणों में अब तक 4.12 करोड़ रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। सरकार का दावा है कि इस तकनीक आधारित व्यवस्था से अवैध खनिज परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाने में सफलता मिल रही है।
23 जिलों में 40 स्थानों पर लगाए गए ई-चेकगेट
खनिज परिवहन की निगरानी के लिए प्रदेश के 23 जिलों में चिन्हित प्रमुख मार्गों के 40 स्थानों पर ई-चेकगेट स्थापित किए गए हैं।
इन ई-चेकगेट्स के माध्यम से—
- खनिज परिवहन वाहनों की डिजिटल ट्रैकिंग
- परिवहन अनुमति की जांच
- परिवहन गतिविधियों की सतत निगरानी की जा रही है।
भोपाल में बना राज्य स्तरीय कंट्रोल सेंटर
ई-चेकगेट व्यवस्था के संचालन के लिए Bhopal स्थित संचालनालय में राज्य स्तरीय कमांड एवं कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है। इसके अलावा 23 जिलों में जिला कमांड सेंटर भी संचालित किए जा रहे हैं, जहां परिवहन गतिविधियों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है।
नियमों में किया गया संशोधन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि सरकार ने 16 अप्रैल 2026 को Madhya Pradesh Mineral Rules 2022 में संशोधन संबंधी अधिसूचना जारी की थी।
संशोधित नियमों के तहत—
- पंजीकृत वाहनों में आईटी आधारित उपकरण लगाए जाएंगे
- उपकरणों का रखरखाव वाहन मालिक करेंगे
- अनियमितता पाए जाने पर दंडात्मक कार्रवाई होगी
- उपकरण निष्क्रिय या क्षतिग्रस्त मिलने पर वाहन पंजीयन निलंबित या निरस्त किया जा सकेगा
- कलेक्टरों को वाहन जब्ती के अधिकार भी दिए गए हैं
पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक आधारित इस नवाचार से प्रदेश में पारदर्शी और जवाबदेह खनिज परिवहन व्यवस्था मजबूत हुई है। साथ ही अवैध खनन और परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में भी मदद मिल रही है।