देवास। मध्य प्रदेश के देवास जिले के टोंक कलां इलाके में गुरुवार सुबह एक पटाखा फैक्ट्री में भीषण धमाका हो गया। विस्फोट इतना जोरदार था कि आसपास का इलाका दहल उठा। हादसे में कई मजदूरों की मौत की आशंका जताई जा रही है, जबकि एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। प्रशासन ने फिलहाल 2 से 3 मौतों की पुष्टि की है, लेकिन मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है। धमाके के बाद फैक्ट्री में अफरा-तफरी मच गई और चारों तरफ आग की लपटें व धुएं का गुबार दिखाई देने लगा। हादसे में कई मजदूर बुरी तरह झुलस गए, जबकि तीन महिलाएं अब भी लापता बताई जा रही हैं।
सुबह 11:30 बजे हुआ जोरदार धमाका
जानकारी के मुताबिक गुरुवार सुबह करीब 11:30 बजे फैक्ट्री में अचानक आग लगी, जिसके बाद जोरदार ब्लास्ट हुआ। विस्फोट इतना तेज था कि शवों के टुकड़े 20 से 25 फीट दूर तक जा गिरे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री में उस समय बड़ी संख्या में मजदूर काम कर रहे थे। फैक्ट्री में करीब 400 से 500 लोगों के काम करने की जानकारी सामने आई है, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं।
दो केमिकल मिलाने के दौरान हुआ हादसा
स्थानीय लोगों के मुताबिक फैक्ट्री में दो केमिकल मिलाकर बारूद तैयार किया जा रहा था। इसी दौरान केमिकल का अनुपात बिगड़ गया, जिससे जोरदार विस्फोट हो गया। जहां ब्लास्ट हुआ, वहां करीब 15 से 20 मजदूर काम कर रहे थे। हादसा लंच ब्रेक से कुछ मिनट पहले हुआ। मजदूरों का खाना भी पहुंच चुका था, लेकिन धमाके के बाद लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
घायलों को अस्पताल में कराया गया भर्ती
हादसे के बाद घायलों को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया। कई मजदूर गंभीर रूप से झुलसे हुए हैं। गंभीर घायलों को इंदौर के एमवाय अस्पताल रेफर किया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है। फैक्ट्री परिसर में मलबा हटाने का काम जारी है और लापता लोगों की तलाश की जा रही है।
8 से 10 फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। करीब 8 से 10 फायर ब्रिगेड की गाड़ियां आग बुझाने में जुटीं। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। उज्जैन आईजी राकेश गुप्ता, डीआईजी नवनीत भसीन और उज्जैन कमिश्नर आशीष सिंह भी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया।
ग्रामीणों का हंगामा, अवैध फैक्ट्री चलने का आरोप
हादसे के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। लोगों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कमिश्नर का घेराव किया। ग्रामीणों का कहना है कि फैक्ट्री अवैध तरीके से संचालित हो रही थी और इसके खिलाफ पहले भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने आरोप लगाया कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही थी और मजदूरों की जान जोखिम में डालकर काम कराया जा रहा था।
प्रशासन ने जांच शुरू की
प्रशासन ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। फैक्ट्री के लाइसेंस, सुरक्षा व्यवस्था और संचालन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में सुरक्षा नियमों में लापरवाही की आशंका जताई जा रही है।