नई दिल्ली - दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातकों में शामिल सऊदी अरब ने एशियाई देशों के लिए कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी कटौती का ऐलान किया है। सरकारी तेल कंपनी Saudi Aramco ने अगस्त 2026 से अरब लाइट क्रूड की कीमत में प्रति बैरल 11 डॉलर तक की कमी की है। इसे पिछले दो दशकों से अधिक समय की सबसे बड़ी मूल्य कटौतियों में से एक माना जा रहा है।
क्यों घटाई गई तेल की कीमतें?
विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के पीछे कई प्रमुख कारण हैं। इजरायल-ईरान के बीच तनाव कम होने से आपूर्ति संबंधी जोखिम घटे हैं। साथ ही, हॉर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की आवाजाही सामान्य होने से वैश्विक सप्लाई बेहतर हुई है। इसके अलावा, OPEC+ देशों द्वारा उत्पादन बढ़ाने के फैसले से बाजार में कच्चे तेल की उपलब्धता बढ़ी है। बढ़ती सप्लाई और स्थिर मांग के कारण सऊदी अरब ने एशियाई ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कीमतों में बड़ी कटौती की है।
भारत को कैसे होगा फायदा?
भारत दुनिया के सबसे बड़े कच्चा तेल आयात करने वाले देशों में शामिल है और अपनी जरूरत का अधिकांश तेल विदेशों से खरीदता है। ऐसे में सऊदी अरब से सस्ता कच्चा तेल मिलने पर भारत का आयात बिल कम हो सकता है। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक नीचे रहती हैं, तो इसका असर पेट्रोल, डीजल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की लागत पर भी पड़ सकता है। इससे सरकार पर ईंधन मूल्य प्रबंधन का दबाव कम होगा और अर्थव्यवस्था को भी राहत मिल सकती है।
क्या सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल?
सऊदी अरब की इस मूल्य कटौती का सबसे अधिक लाभ भारत, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे एशियाई देशों को मिलने की संभावना है, क्योंकि ये देश सऊदी अरब से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल आयात करते हैं। हालांकि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भारत को फायदा मिल सकता है, लेकिन पेट्रोल और डीजल के खुदरा दाम तुरंत कम होंगे या नहीं, यह कई अन्य कारकों पर भी निर्भर करेगा। इनमें रुपये-डॉलर की विनिमय दर, केंद्र और राज्य सरकारों के कर, परिवहन लागत तथा तेल विपणन कंपनियों की मूल्य निर्धारण नीति शामिल हैं।
फिलहाल सऊदी अरब की इस बड़ी कटौती को वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए अहम कदम माना जा रहा है। यदि अंतरराष्ट्रीय कीमतें इसी स्तर पर बनी रहती हैं, तो आने वाले समय में भारत सहित कई एशियाई देशों को आयात लागत में उल्लेखनीय राहत मिल सकती है।