अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रही परमाणु वार्ता को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने स्पष्ट कहा कि उन्हें इस बात की कोई विशेष चिंता नहीं है कि ईरान अमेरिका के साथ बातचीत जारी रखता है या नहीं। उन्होंने दोहराया कि उनकी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है।
बातचीत खत्म होने की परवाह नहीं: ट्रंप
अमेरिकी मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान के साथ वार्ता समाप्त हो जाती है तो इससे उनकी रणनीति पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ईरान लंबे समय से बातचीत को खींच रहा है और अब यह प्रक्रिया "उबाऊ" होती जा रही है। ट्रंप ने कहा, "अगर बातचीत खत्म हो गई है, तो हो गई है। अगर नहीं हुई है, तब भी मुझे लगता है कि ईरान ने बहुत अधिक समय लिया है।"
ईरान पर समय बर्बाद करने का आरोप
राष्ट्रपति ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान जानबूझकर वार्ता को लंबा खींच रहा था। जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि तेहरान समय बर्बाद कर रहा था, तो उन्होंने जवाब दिया कि उन्हें ऐसा ही महसूस हुआ। उनका कहना था कि ईरान बातचीत के जरिए केवल समय हासिल करने की कोशिश कर रहा था, जबकि अमेरिका इस मुद्दे का जल्द समाधान चाहता है।
तेल बाजार में बढ़ी हलचल
ईरान के वार्ता से पीछे हटने की खबरों के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में तेज प्रतिक्रिया देखने को मिली। रिपोर्टों के अनुसार, कूटनीतिक प्रयासों के विफल होने की आशंका के चलते कच्चे तेल की कीमतों में आठ प्रतिशत से अधिक उछाल दर्ज किया गया। हालांकि ट्रंप ने बढ़ती तेल कीमतों को लेकर किसी भी प्रकार की चिंता जताने से इनकार कर दिया।
"तेल की कीमतें जल्द नीचे आएंगी"
ट्रंप ने कहा कि वैश्विक बाजार में तेल की पर्याप्त उपलब्धता है और जल्द ही कीमतों में गिरावट देखने को मिलेगी। उन्होंने दावा किया कि इस समय बड़ी संख्या में तेल टैंकर समुद्र में मौजूद हैं और तेल की आपूर्ति बढ़ने से बाजार पर दबाव कम होगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि मौजूदा तनाव के बावजूद समुद्री मार्ग पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं और जहाजों की आवाजाही जारी है।
ईरान को हो रहा भारी आर्थिक नुकसान
अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि मौजूदा परिस्थितियों और नाकाबंदी जैसी स्थितियों के कारण ईरान को प्रतिदिन भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उनके मुताबिक, ईरान को हर दिन करोड़ों डॉलर का नुकसान हो रहा है, जिससे उसकी अर्थव्यवस्था पर गंभीर दबाव पड़ रहा है।
परमाणु हथियारों पर दी कड़ी चेतावनी
ट्रंप ने अपने बयान में सबसे सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि वह किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, "अगर ईरान परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश करेगा, तो हम उसे पूरी तरह तबाह कर देंगे।" ट्रंप ने कहा कि राष्ट्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिहाज से ईरान का परमाणु कार्यक्रम उनकी सर्वोच्च चिंताओं में शामिल है।
यूरोपीय देशों से भी की जिम्मेदारी निभाने की अपील
ट्रंप ने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया के समुद्री मार्गों और ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा में यूरोपीय देशों को अधिक सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उनका तर्क था कि इस क्षेत्र से होने वाली ऊर्जा आपूर्ति पर यूरोप की निर्भरता अमेरिका की तुलना में अधिक है, इसलिए सुरक्षा की जिम्मेदारी भी साझा होनी चाहिए।
बढ़ सकता है वैश्विक तनाव
ट्रंप के इस बयान के बाद अमेरिका-ईरान संबंधों में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि परमाणु वार्ता पूरी तरह विफल होती है तो इसका असर न केवल पश्चिम एशिया की सुरक्षा पर बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ सकता है।