भोपाल, 5 अगस्त 2026 | मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अनुच्छेद 370 और 35A से जुड़ी विशेष संवैधानिक व्यवस्था के प्रभावी रूप से समाप्त होने के सात वर्ष पूरे होने पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी संदेश में इसे राष्ट्रीय एकता, अखंडता और संवैधानिक समानता की दिशा में ऐतिहासिक निर्णय बताया।
“एक विधान, एक निशान, एक प्रधान” की भावना का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने संदेश की शुरुआत “एक विधान, एक निशान, एक प्रधान” की भावना के उल्लेख से की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 और 35A से जुड़ी व्यवस्था को समाप्त करने का फैसला लिया गया। मुख्यमंत्री के अनुसार इस निर्णय से देश की संवैधानिक समानता को मजबूती मिली और जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख में केंद्र के कानूनों और अधिकारों के समान रूप से लागू होने का रास्ता खुला।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को लेकर क्या बोले मुख्यमंत्री?
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 2019 के निर्णय के बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख विकास, लोकतंत्र तथा समान अधिकारों की मुख्यधारा से जुड़े हैं। उन्होंने दावा किया कि दोनों केंद्रशासित प्रदेश अब पूरी क्षमता और गति के साथ विकसित भारत के निर्माण में योगदान दे रहे हैं। यह मुख्यमंत्री का राजनीतिक एवं प्रशासनिक आकलन है, जिसे उनके वक्तव्य के रूप में ही प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
5 अगस्त 2019 को संवैधानिक रूप से क्या हुआ था?
केंद्र सरकार ने 5 अगस्त 2019 को संविधान के अनुच्छेद 370 से संबंधित कई महत्वपूर्ण कदम उठाए थे। राष्ट्रपति द्वारा जारी Constitution (Application to Jammu and Kashmir) Order, 2019 ने 1954 के पुराने संवैधानिक आदेश का स्थान लिया था। उसी दिन संसद में अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निष्प्रभावी करने का प्रस्ताव और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक पेश किया गया। पुराना 1954 का राष्ट्रपति आदेश अनुच्छेद 35A का आधार था। उसके स्थान पर नया आदेश लागू होने से अनुच्छेद 35A से जुड़ी विशेष व्यवस्था भी प्रभावहीन हो गई।
31 अक्टूबर 2019 से बने दो केंद्रशासित प्रदेश
- जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम के तहत पूर्ववर्ती राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटा गया था:
- जम्मू-कश्मीर—विधानसभा के साथ केंद्रशासित प्रदेश
- लद्दाख—बिना विधानसभा वाला केंद्रशासित प्रदेश
- यह पुनर्गठन 31 अक्टूबर 2019 से प्रभावी हुआ था।
क्या मुख्यमंत्री ने कोई नई घोषणा की?
मुख्यमंत्री का यह संदेश अनुच्छेद 370 और 35A से जुड़े संवैधानिक बदलावों की सातवीं वर्षगांठ पर जारी किया गया राजनीतिक एवं स्मारक वक्तव्य है। आधिकारिक पोस्ट में मध्य प्रदेश के नागरिकों के लिए किसी नई योजना, सरकारी अवकाश, आर्थिक सहायता अथवा प्रशासनिक आदेश की घोषणा नहीं की गई है।
FAQ: अनुच्छेद 370 के सात साल और CM मोहन यादव का संदेश
1. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री ने 2019 के फैसले को भारत की एकता, अखंडता और संवैधानिक समानता मजबूत करने वाला ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के विकास की मुख्यधारा से जुड़ने की बात कही।
2. अनुच्छेद 370 से जुड़े बदलाव कब किए गए थे?
केंद्र सरकार ने 5 अगस्त 2019 को राष्ट्रपति के संवैधानिक आदेश, संसदीय प्रस्ताव और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक के माध्यम से प्रक्रिया शुरू की थी।
3. अनुच्छेद 35A का क्या हुआ था?
अनुच्छेद 35A को 1954 के राष्ट्रपति आदेश के माध्यम से संविधान में जोड़ा गया था। वर्ष 2019 के नए संवैधानिक आदेश ने पुराने आदेश का स्थान लिया, जिससे 35A से जुड़ी व्यवस्था भी प्रभावहीन हो गई।
4. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख अलग केंद्रशासित प्रदेश कब बने?
दोनों केंद्रशासित प्रदेश 31 अक्टूबर 2019 से अस्तित्व में आए थे। जम्मू-कश्मीर में विधानसभा का प्रावधान रखा गया, जबकि लद्दाख को बिना विधानसभा वाला केंद्रशासित प्रदेश बनाया गया।
5. क्या सातवीं वर्षगांठ पर कोई नई सरकारी योजना घोषित हुई?
नहीं। मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया संदेश में किसी नई योजना या प्रशासनिक आदेश की घोषणा नहीं की गई है। यह वर्षगांठ पर जारी शुभकामना और राजनीतिक संदेश है।