बंडा - मध्य प्रदेश के सागर जिले की बंडा तहसील से स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। ग्राम भूसा कमलपुर निवासी इन्द्राज विश्वकर्मा ने बंडा सिविल अस्पताल के एक शासकीय चिकित्सक पर इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि कथित गलत उपचार के कारण उनके 1 वर्ष 7 माह के बेटे विनय विश्वकर्मा की आंखों की रोशनी चली गई। पीड़ित पिता ने बंडा थाना में शिकायत देकर निष्पक्ष जांच और दोषी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
29 मई को कराया था इलाज
जानकारी के अनुसार, 29 मई 2026 को इन्द्राज विश्वकर्मा अपने बेटे को सर्दी और आंखों में लालिमा की शिकायत होने पर बंडा सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे थे। ओपीडी पर्ची बनवाने के बाद ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने बच्चे का उपचार किया। पिता के मुताबिक डॉक्टर ने आई ड्रॉप, पैरासिटामोल सिरप, इंजेक्शन सहित अन्य दवाइयां दीं।
सागर से भोपाल एम्स तक चला इलाज
परिजनों का आरोप है कि इलाज के कुछ समय बाद बच्चे की हालत लगातार बिगड़ने लगी। इसके बाद उसे पहले जिला अस्पताल सागर रेफर किया गया और वहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए भोपाल स्थित एम्स भेजा गया। परिवार का कहना है कि एम्स में जांच के दौरान डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे की दोनों आंखों की रोशनी पूरी तरह खत्म हो चुकी है।
कांग्रेस नेता ने की निष्पक्ष जांच की मांग
इस मामले को लेकर वरिष्ठ कांग्रेसी नेता रणवीर सिंह दाऊ डिलाखेड़ी भी पीड़ित परिवार के समर्थन में सामने आए हैं। उन्होंने बंडा थाना प्रभारी से मुलाकात कर पूरे मामले की निष्पक्ष और सूक्ष्म जांच कराने की मांग की। साथ ही संबंधित चिकित्सक की भूमिका की जांच कर दोषी पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।
पुलिस से कार्रवाई की गुहार
पीड़ित पिता इन्द्राज विश्वकर्मा ने अपने आवेदन में कहा है कि वह संबंधित डॉक्टर को चेहरे से पहचानते हैं, लेकिन उनका नाम नहीं जानते। उन्होंने पुलिस प्रशासन से पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील की है। फिलहाल पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर ली है। मामले की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इलाज में किसी प्रकार की चिकित्सकीय लापरवाही हुई थी या नहीं।