नई दिल्ली - भारतीय घरेलू क्रिकेट के महान बल्लेबाज और पूर्व सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर को हैदराबाद क्रिकेट टीम का नया मेंटोर नियुक्त किया गया है। अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी तकनीक और अनुभव के लिए मशहूर जाफर अब अगले दो वर्षों तक टीम के खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करेंगे।
युवा खिलाड़ियों के विकास पर रहेगा फोकस
मेंटोर के रूप में वसीम जाफर का मुख्य लक्ष्य टीम के प्रदर्शन में सुधार लाना और युवा खिलाड़ियों को तकनीकी व मानसिक रूप से मजबूत बनाना होगा। उनके अनुभव से हैदराबाद टीम को घरेलू क्रिकेट में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।
घरेलू क्रिकेट के सबसे सफल बल्लेबाज
वसीम जाफर भारतीय घरेलू क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। उन्होंने अपने लंबे करियर में कई रिकॉर्ड बनाए और लगातार शानदार प्रदर्शन किया। अब उनके अनुभव का लाभ हैदराबाद क्रिकेट टीम को मिलेगा।
हैदराबाद क्रिकेट को मिलेगी नई दिशा
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि जाफर की नियुक्ति से हैदराबाद टीम को नई दिशा मिलेगी। उनकी तकनीकी समझ, अनुशासन और घरेलू क्रिकेट का विशाल अनुभव खिलाड़ियों के विकास में अहम भूमिका निभाएगा और टीम को आगामी घरेलू सत्रों में मजबूती प्रदान करेगा।
वसीम जाफर (जन्म: 16 फरवरी 1978) भारत के पूर्व अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट के महानतम बल्लेबाजों में से एक हैं। दाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज जाफर को 'रणजी ट्रॉफी का राजा' भी कहा जाता है।
अंतरराष्ट्रीय करियर (Test & ODI)
टेस्ट डेब्यू: 24 फरवरी 2000 (दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ)
मैच: 31 टेस्ट
रन: 1944 (औसत: 34.10)
शतक: 5 (जिसमें दो शानदार दोहरे शतक शामिल हैं)
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीमित मौके
टेस्ट क्रिकेट में उनका प्रदर्शन काफी अच्छा था, उन्होंने पाकिस्तान, इंग्लैंड, वेस्टइंडीज और दक्षिण अफ्रीका जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ शतक लगाए। हालाँकि, एकदिवसीय (ODI) मैचों में उन्हें केवल 2 बार खेलने का मौका मिला जिसमें वे सफल नहीं रहे।
घरेलू क्रिकेट में महारत
(रणजी ट्रॉफी)वसीम जाफर का असल जलवा भारतीय घरेलू क्रिकेट में देखने को मिला।
- प्रथम श्रेणी करियर: उन्होंने 260 फर्स्ट-क्लास मैचों में 19,410 रन बनाए (औसत 50.67)। इसमें उनके 57 शतक और 91 अर्धशतक शामिल हैं
- रणजी ट्रॉफी रिकॉर्ड:वह रणजी इतिहास में सबसे ज्यादा रन (12,000 से अधिक) बनाने वाले बल्लेबाज हैं।रणजी में सबसे ज्यादा मैच और शतक लगाने का रिकॉर्ड भी उन्हीं के नाम है।
- मुंबई से विदर्भ का सफर: उन्होंने अपने करियर का अधिकांश समय मुंबई के लिए खेला और कई खिताब जिताए। बाद में उन्होंने विदर्भ टीम का नेतृत्व किया और उन्हें भी रणजी चैंपियन बनाया।
कोचिंग और मेंटरशिप
- क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद, वह एक सफल कोच बन गए। उन्होंने उत्तराखंड, उड़ीसा और बांग्लादेश की टीमों के साथ बतौर मुख्य कोच/बैटिंग कंसल्टेंट काम किया।
- इसके अलावा, वह इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में पंजाब किंग्स (PBKS) और अन्य टीमों के साथ बल्लेबाजी कोच/सलाहकार की भूमिका निभा चुके हैं।
- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कम मौके मिलने के बावजूद, घरेलू क्रिकेट में उनके अनगिनत रिकॉर्ड और बेहतरीन तकनीक उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे सम्मानित दिग्गजों में से एक बनाती है।