मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आगामी स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) पर जिला मुख्यालयों में आयोजित होने वाले समारोहों को विकास और जनभागीदारी से जोड़ते हुए विशेष रूप से आयोजित किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि जिलों के प्रभारी मंत्री अपने-अपने जिलों में हुए विकास कार्यों और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी जनता के सामने प्रस्तुत करें।
विकास कार्यों की लगेंगी प्रदर्शनियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि समारोह स्थलों पर विकास परियोजनाओं और विभिन्न योजनाओं की जानकारी देने के लिए विशेष प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी। इससे आम नागरिकों को सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी मिलेगी और विकास गतिविधियों में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
सोशल ऑडिट की तरह होगा विकास कार्यों का मूल्यांकन
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विकास कार्यों का यह प्रस्तुतीकरण एक प्रकार से जिलों में हुए कार्यों के सोशल ऑडिट जैसा होगा। इससे योजनाओं की वास्तविक स्थिति और उनके प्रभाव का आकलन करने में मदद मिलेगी।
भोपाल में होगा जिला विकास समितियों का सम्मेलन
मुख्यमंत्री ने जिला विकास समितियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि राजधानी भोपाल में इन समितियों का सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समितियां विकास गतिविधियों के लिए शासकीय नियोजन में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप सुझाव दें।
निजी निवेश को बढ़ावा देने पर जोर
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिला विकास समितियां अपने-अपने क्षेत्रों में निजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए भी प्रयास करें। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
एक प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगे सभी सांख्यिकी आंकड़े
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य के विभागवार, संभागवार और जिलावार सभी सांख्यिकी आंकड़ों को एकीकृत प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और निगरानी में सुविधा होगी।
विधानसभा क्षेत्र विकास योजना पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना के तहत सभी विभागों की गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही योजना में उत्कृष्ट कार्य और नवाचार करने वालों को प्रोत्साहित करने की व्यवस्था भी की जाएगी।
मृत्यु पंजीयन प्रक्रिया को बनाया जाएगा सरल
उन्होंने बताया कि मृत्यु पंजीयन की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए विश्राम घाटों पर ही पंजीयन की सुविधा उपलब्ध कराने संबंधी कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
जिलों के अनुसार तय होंगे विकास के मानक
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलों के लिए एक जैसे विकास सूचकांक निर्धारित करना व्यावहारिक नहीं है। औद्योगिक, कृषि प्रधान और वन क्षेत्र वाले जिलों की परिस्थितियां अलग होती हैं, इसलिए स्थानीय आवश्यकताओं और संसाधनों को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग विकास सूचकांक निर्धारित किए जाएंगे।
प्राकृतिक खेती और ईको-फ्रेंडली निर्माण को मिलेगा बढ़ावा
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में अपना मकान बनाने वाले लोगों को तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए आवास निर्माण में ईको-फ्रेंडली भवन निर्माण सामग्री के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे।