मध्य प्रदेश में मानसून की धीमी रफ्तार का असर साफ दिखाई देने लगा है। जून का आधे से ज्यादा महीना गुजर जाने के बावजूद प्रदेश में सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 1 जून से अब तक प्रदेश में औसतन 70.9 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन केवल 34.3 मिमी पानी ही बरसा है। यानी प्रदेश में अब तक सामान्य से 52 प्रतिशत कम बारिश हुई है। बारिश की कमी का सबसे ज्यादा असर खरीफ सीजन की तैयारियों पर पड़ रहा है। सोयाबीन सहित कई फसलों की बुवाई पिछड़ती जा रही है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि खेतों में बुवाई के लिए कम से कम 4 इंच बारिश जरूरी होती है, लेकिन फिलहाल केवल भोपाल ऐसा जिला है, जहां यह आंकड़ा पार हुआ है।
प्रदेश में बारिश का पूरा हाल
| विवरण | स्थिति |
|---|---|
| सामान्य बारिश (1 जून से अब तक) | 70.9 मिमी |
| वास्तविक बारिश | 34.3 मिमी |
| कमी | 52% |
| सामान्य मानसून आगमन | 15 जून |
| वर्तमान स्थिति | मानसून अभी भी लेट |
| 4 इंच से ज्यादा बारिश वाला जिला | भोपाल |
मानसून में देरी से बढ़ी चिंता
आमतौर पर मध्य प्रदेश में मानसून 15 जून तक प्रवेश कर जाता है, लेकिन इस बार निर्धारित तारीख गुजरने के बाद भी इसकी सक्रियता कमजोर बनी हुई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों में मानसून प्रदेश में तेजी से आगे बढ़ सकता है। पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में स्थिति ज्यादा चिंताजनक है, जहां औसत से 71 प्रतिशत कम बारिश हुई है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में सामान्य से 33 प्रतिशत कम पानी गिरा है।
किन जिलों में सबसे ज्यादा कमी?
सामान्य से कम बारिश वाले प्रमुख जिले
| सामान्य से कम बारिश वाले प्रमुख जिले |
|---|
| इंदौर |
| उज्जैन |
| ग्वालियर |
| जबलपुर |
| सागर |
| रीवा |
| सतना |
| सीधी |
| शहडोल |
| छिंदवाड़ा |
| बालाघाट |
| कटनी |
| पन्ना |
| खरगोन |
| धार |
| देवास |
| नर्मदापुरम |
| रायसेन |
| विदिशा |
| शिवपुरी |
कुल 48 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है।
इन जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
| जिले |
|---|
| भोपाल |
| अशोकनगर |
| आगर-मालवा |
| गुना |
| मंदसौर |
| नीमच |
| श्योपुर |
भोपाल में अब तक सामान्य से 53 प्रतिशत ज्यादा यानी लगभग 4.6 इंच बारिश हो चुकी है।
सोमवार को कई जिलों में बदला मौसम
सोमवार को प्रदेश में प्री-मानसूनी गतिविधियां तेज रहीं। धार जिले में करीब 2 इंच बारिश हुई, जबकि भोपाल में लगभग पौन इंच पानी गिरा। इंदौर, उज्जैन, राजगढ़, रायसेन, सागर, सतना, जबलपुर, छिंदवाड़ा और खंडवा समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश दर्ज की गई।
प्रमुख शहरों का तापमान
| शहर | अधिकतम तापमान |
|---|---|
| भोपाल | 35.2°C |
| इंदौर | 34.7°C |
| उज्जैन | 35°C |
| जबलपुर | 36°C |
| ग्वालियर | 40.2°C |
| दतिया | 42.2°C |
आज 4 जिलों में हीटवेव का अलर्ट
मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए चार जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की है।
हीटवेव वाले जिले
| हीटवेव वाले जिले |
|---|
| जबलपुर |
| मंडला |
| दमोह |
| उमरिया |
30 जिलों में आंधी और बारिश की चेतावनी
| प्रभावित जिले |
|---|
| भोपाल |
| इंदौर |
| धार |
| झाबुआ |
| बड़वानी |
| खरगोन |
| खंडवा |
| बुरहानपुर |
| देवास |
| सीहोर |
| हरदा |
| नर्मदापुरम |
| रायसेन |
| विदिशा |
| सागर |
| नरसिंहपुर |
| छिंदवाड़ा |
| सिवनी |
| बालाघाट |
| डिंडौरी |
| अनूपपुर |
| ग्वालियर |
| मुरैना |
| भिंड |
| दतिया |
| श्योपुर |
| बैतूल |
| पांढुर्णा |
| अलीराजपुर |
| शहडोल |
इन जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है।
पिछले 10 साल में कब आया मानसून?
| वर्ष | मानसून की एंट्री |
|---|---|
| 2018 | 25 जून (सबसे देर) |
| 2021 | 9 जून (सबसे जल्दी) |
| 2025 | 16 जून |
| 2026 | अभी इंतजार |
किसानों के लिए क्यों बढ़ी चिंता?
कम बारिश की वजह से सोयाबीन, मक्का और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हो रही है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो खरीफ सीजन की शुरुआत और अधिक प्रभावित हो सकती है। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 से 72 घंटों में मानसून के सक्रिय होने की संभावना है, जिससे किसानों को राहत मिल सकती है।