उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में स्थित एक बहुमंजिला इमारत में लगी भीषण आग ने 15 लोगों की जान ले ली, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए। हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटनास्थल का दौरा कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की और मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की।
घटनास्थल पहुंचे मुख्यमंत्री योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे के बाद अलीगंज पहुंचकर अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। इसके बाद वह किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) पहुंचे, जहां उन्होंने घायलों और उनके परिजनों से मुलाकात की तथा चिकित्सकों से उपचार संबंधी जानकारी प्राप्त की। सोशल मीडिया पर जारी संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी घायलों का विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में प्राथमिकता के आधार पर इलाज किया जा रहा है।
मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये की सहायता
मुख्यमंत्री ने इस दुखद हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का निर्देश दिया है। वहीं गंभीर रूप से घायलों को 50-50 हजार रुपये की तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की घोषणा की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ खड़ी है।
दोपहर बाद लगी आग, मची अफरा-तफरी
जानकारी के अनुसार, अलीगंज के पुरनिया क्षेत्र स्थित बहुमंजिला भवन में दोपहर बाद अचानक आग लग गई। आग के बाद इमारत में तेजी से धुआं भर गया, जिससे अंदर मौजूद छात्रों और कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
पिछली दीवार तोड़कर निकाले गए लोग
बचाव दल ने इमारत में फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए भवन की पिछली दीवार तोड़ी। इसी रास्ते से कई लोगों को बाहर निकाला गया और शवों को भी बरामद किया गया। करीब 10 दमकल वाहनों की मदद से आग पर काबू पाया गया। अधिकारियों के अनुसार, भवन की पूरी तलाशी ली जा चुकी है और अब किसी के फंसे होने की आशंका नहीं है।
अस्पताल में भर्ती घायलों का इलाज जारी
केजीएमयू के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रेम राज सिंह ने बताया कि अस्पताल में कुल 22 से 23 लोगों को लाया गया था। इनमें 15 लोगों को मृत अवस्था में लाया गया, जबकि 8 घायलों को भर्ती किया गया। उन्होंने बताया कि छह घायलों की हालत स्थिर है, जबकि दो की स्थिति गंभीर बनी हुई है। सभी मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं।
हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने घटनास्थल पर पहुंचकर राहत कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। साथ ही हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जताया दुख
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लखनऊ में आग की घटना बेहद पीड़ादायक है और इसमें कई लोगों की जान जाना अत्यंत दुखद है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की तथा प्रशासनिक अधिकारियों से हालात की जानकारी लेने की बात कही।