जिले की तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में विभिन्न मांगों को लेकर नाविक संघ द्वारा की जा रही हड़ताल सोमवार को समाप्त हो गई। कलेक्टर ऋषव गुप्ता के साथ हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण मांगों पर सहमति बनने के बाद नाविक संघ ने आंदोलन वापस लेने का फैसला किया।
पांच दिन में बहाल होंगे निरस्त लाइसेंस
बैठक में तय किया गया कि नगर परिषद द्वारा पूर्व में निरस्त किए गए नाविकों के लाइसेंस पांच दिनों के भीतर बहाल किए जाएंगे। इसके साथ ही जब्त किए गए डीजल इंजन भी निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसी अवधि में नाविकों को वापस सौंप दिए जाएंगे।
सुरक्षा को प्राथमिकता, डेम क्षेत्र में स्नान पर रोक
कलेक्टर ऋषव गुप्ता की अध्यक्षता में हुई बैठक में एसडीएम, एडीएम समेत प्रशासनिक अधिकारी और नाविक संघ के प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्णय लिया गया कि कोई भी नाविक श्रद्धालुओं को डेम क्षेत्र में स्नान नहीं कराएगा। नाविक केवल बोटिंग कर यात्रियों को निर्धारित घाटों तक पहुंचाएंगे।
लाइफ जैकेट अनिवार्य, तय हुई सवारियों की सीमा
प्रशासन और नाविक संघ के बीच हुई सहमति के अनुसार प्रत्येक नाव में अधिकतम 10 यात्रियों को ही बैठाने की अनुमति होगी। साथ ही सभी यात्रियों के लिए लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य रहेगा।
श्रद्धालुओं को मिलेगी राहत
हड़ताल समाप्त होने के बाद तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में नौका संचालन एक बार फिर सुचारू रूप से शुरू हो जाएगा। नाविक संघ ने प्रशासन की सकारात्मक पहल का स्वागत करते हुए कहा कि लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान का रास्ता खुला है, जिससे नाविकों और श्रद्धालुओं दोनों को राहत मिलेगी।