लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित पुरनिया इलाके में सोमवार को एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। आग की चपेट में आने से 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। जान बचाने के लिए कई छात्र और कर्मचारी इमारत की छत और ऊपरी मंजिलों से कूद गए, जिससे कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया गया।
धुएं से भरी इमारत में मची चीख-पुकार, कई लोगों ने लगाई छलांग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के बाद कुछ ही मिनटों में पूरी इमारत धुएं से भर गई। अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिला तो कई ने ऊंचाई से कूदकर जान बचाने की कोशिश की। हादसे की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की 14 गाड़ियां और पुलिस की कई टीमें मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और फंसे लोगों को बाहर निकालने का अभियान चलाया।
CM योगी ने किया घटनास्थल का निरीक्षण, सभी कार्यक्रम रद्द
हादसे की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सभी निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर दिए और तत्काल लखनऊ पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
PM मोदी ने जताया दुख, मुआवजे का ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लखनऊ अग्निकांड पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर शोक संदेश जारी करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
उच्चस्तरीय जांच के आदेश, कारणों की होगी पड़ताल
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि आग किन परिस्थितियों में लगी और सुरक्षा मानकों में कहीं कोई लापरवाही तो नहीं हुई। प्रशासन ने घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच शुरू कर दी है।
राष्ट्रपति से लेकर विपक्षी नेताओं तक ने जताया शोक
राष्ट्रपति ने भी हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे अत्यंत दुखद घटना बताते हुए पीड़ित परिवारों के साथ अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि यह हादसा बेहद दर्दनाक है और पीड़ित परिवारों के साथ पूरा देश खड़ा है। वहीं बसपा प्रमुख मायावती ने इसे दिल दहला देने वाली घटना बताते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि हादसे के कारणों की निष्पक्ष और ईमानदार जांच होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
प्रशासन राहत कार्य में जुटा, मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका
फिलहाल प्रशासन, पुलिस और दमकल विभाग की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में लगी हुई हैं। घायलों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में जारी है। अधिकारियों के अनुसार कुछ लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है, ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।