ब्रिटेन की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने अपने पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है। ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लेबर पार्टी के भीतर बढ़ते दबाव और लगातार गिरती लोकप्रियता के बीच स्टार्मर ने यह फैसला लिया है। वह नए नेता के चयन तक प्रधानमंत्री और पार्टी नेता की जिम्मेदारी संभालते रहेंगे।
पार्टी के भीतर बढ़ा दबाव
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ब्रिटेन की विदेश सचिव येवेट कूपर ने हाल ही में स्टार्मर से निजी तौर पर पद छोड़ने का आग्रह किया था। इसके बाद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और सांसदों के बीच नेतृत्व परिवर्तन की मांग तेज हो गई। स्टार्मर ने स्वीकार किया कि पार्टी अब उन्हें अगले आम चुनाव में नेतृत्व करने के लिए सबसे उपयुक्त चेहरा नहीं मानती।
समर्थकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उनके सभी फैसले देशहित को ध्यान में रखकर लिए गए और वह पार्टी की भावना का सम्मान करते हैं।
सत्ता हस्तांतरण तक पद पर बने रहेंगे
कीर स्टार्मर ने कहा कि वह सत्ता के सुचारू हस्तांतरण को सुनिश्चित करेंगे और नए नेता के चुने जाने तक प्रधानमंत्री पद पर बने रहेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि उनके उत्तराधिकारी को दो साल पहले की तुलना में अधिक मजबूत और स्थिर ब्रिटेन मिलेगा।
उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान सहयोग देने के लिए पार्टी नेताओं, सहयोगियों, डाउनिंग स्ट्रीट स्टाफ और सिविल सेवा अधिकारियों का भी आभार जताया।
चुनावी जीत के बावजूद विवादों में घिरी सरकार
स्टार्मर ने दो वर्ष पहले लेबर पार्टी को बड़ी चुनावी जीत दिलाई थी। पार्टी ने 174 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत हासिल किया था, जिसे लेबर की ऐतिहासिक वापसी माना गया था।
हालांकि, उनके कार्यकाल में कई नीतिगत फैसलों को लेकर विवाद भी हुए। बुजुर्गों के लिए विंटर फ्यूल भुगतान से जुड़े निर्णय और कुछ अहम नियुक्तियों ने पार्टी के भीतर असंतोष को जन्म दिया। कई नीतिगत यू-टर्न के कारण उनकी नेतृत्व क्षमता पर भी सवाल उठे।
जनमत सर्वेक्षणों में कमजोर हुई स्थिति
हाल के जनमत सर्वेक्षणों में लेबर पार्टी की लोकप्रियता में गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, रिफॉर्म यूके पार्टी लगातार बढ़त बनाती नजर आ रही है। पार्टी के कई सांसदों का मानना है कि नेतृत्व में बदलाव नहीं होने पर आगामी चुनावों में लेबर को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
एंडी बर्नहैम बन सकते हैं नए दावेदार
लेबर पार्टी के भीतर नए नेतृत्व के लिए एंडी बर्नहैम का नाम सबसे आगे माना जा रहा है। ग्रेटर मैनचेस्टर के पूर्व मेयर बर्नहैम ने हाल ही में उपचुनाव में महत्वपूर्ण जीत दर्ज की थी।
उनके समर्थक "मैनचेस्टरिज्म" मॉडल को ब्रिटेन की आर्थिक चुनौतियों का समाधान बता रहे हैं। यह मॉडल क्षेत्रीय विकास, आर्थिक पुनर्निर्माण और असमानताओं को कम करने पर केंद्रित है।
ब्रिटेन की राजनीति में नया दौर
कीर स्टार्मर के इस्तीफे के साथ ही ब्रिटेन की राजनीति एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। अब सबकी नजर लेबर पार्टी के अगले नेता पर टिकी है, जो आगामी चुनावों में पार्टी की दिशा और भविष्य तय करेगा। नेतृत्व परिवर्तन के इस दौर में ब्रिटेन की राजनीतिक और आर्थिक नीतियों में भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।