MP Govt Employee CR: मध्यप्रदेश में सरकारी कर्मचारियों ने गोपनीय चरित्रावली (CR) व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी कर ली है। कर्मचारी संगठनों का आरोप है कि सीआर प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन नहीं होने से हजारों कर्मचारियों के प्रमोशन और करियर पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। संगठनों ने साफ कहा है कि यदि सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए तो आंदोलन शुरू किया जाएगा।
11 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार पर दबाव
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि मार्च 2026 में सरकार ने सीआर के प्रकटन, आपत्ति दर्ज कराने और अपग्रेडेशन की प्रक्रिया को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए थे, लेकिन अधिकांश विभागों में इनका पालन नहीं हो रहा है। इसी कारण कर्मचारियों को समय पर अपनी गोपनीय चरित्रावली देखने और उसमें सुधार कराने का अवसर नहीं मिल पा रहा है।
सरकार से तत्काल 6 मांगों पर कार्रवाई की मांग
संगठनों ने सरकार से सबसे पहले छह महत्वपूर्ण मांगों पर लिखित आश्वासन देने की मांग की है। इनमें शामिल हैं—
पदोन्नति प्रक्रिया पर अस्थायी रोक लगाई जाए।
सीआर का उसी दिन प्रकटन और डाउनलोड की सुविधा मिले।
कोरोना काल में दी गई निम्न ग्रेडिंग समाप्त की जाए।
वर्ष 2023-24 और 2024-25 की सीआर का अप्रेजल के आधार पर मूल्यांकन हो।
'ग' या उससे निम्न ग्रेड मिलने पर कर्मचारी को अनिवार्य रूप से सूचना दी जाए।
पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति गठित की जाए।
जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि केवल नियम बनाने से समस्या हल नहीं होगी, बल्कि जवाबदेही भी तय करनी होगी। उन्होंने मांग की है कि दुर्भावनापूर्ण तरीके से सीआर लिखने वाले अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। साथ ही बिना सूचना प्रतिकूल टिप्पणी दर्ज करने वाले अधिकारियों की वेतनवृद्धि रोकने और आर्थिक दंड का प्रावधान भी लागू किया जाए।
भविष्य के लिए स्थायी सुधार का प्रस्ताव
संगठनों ने भविष्य में विवाद खत्म करने के लिए कई तकनीकी सुधारों का सुझाव दिया है। इनमें प्रत्येक कर्मचारी की लॉगिन आईडी पर सीआर की लाइव ट्रैकिंग, डाउनलोड सुविधा, सीआर अपग्रेडेशन के लिए निश्चित समय-सीमा तथा ई-फाइल ट्रैकिंग और मासिक प्रगति रिपोर्ट की व्यवस्था शामिल है।
आंदोलन की चेतावनी
कर्मचारी संगठनों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि सरकार ने समय रहते सीआर प्रक्रिया को पारदर्शी और जवाबदेह नहीं बनाया, तो प्रदेशभर में आंदोलन शुरू किया जाएगा। उनका कहना है कि यह लड़ाई केवल कर्मचारियों के हितों की नहीं, बल्कि निष्पक्ष और पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था की भी है।
कर्मचारियों को क्या होगा फायदा?
यदि सरकार इन मांगों को स्वीकार करती है तो मध्यप्रदेश में पहली बार गोपनीय चरित्रावली प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और कर्मचारी हितैषी बन सकती है। कर्मचारियों को समय पर अपनी ग्रेडिंग देखने, आपत्ति दर्ज कराने और पदोन्नति से पहले न्याय पाने का अवसर मिलेगा।