दतिया विधानसभा उपचुनाव में हार के बाद भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी आशुतोष तिवारी पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आए। भोपाल स्थित बीजेपी प्रदेश कार्यालय पहुंचकर उन्होंने चुनावी नतीजों और पूरे घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया दी। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि चुनाव हारना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन जिस तरह की परिस्थितियां चुनाव के दौरान बनीं, उसने उन्हें व्यक्तिगत रूप से ज्यादा आहत किया।
बोले- हार स्वीकार है, लेकिन कुछ घटनाएं भूलना मुश्किल
आशुतोष तिवारी ने कहा कि चुनाव में जीत-हार होती रहती है और उन्होंने जनादेश को स्वीकार किया है। हालांकि उन्होंने संकेत दिया कि चुनाव के दौरान कुछ ऐसी गतिविधियां हुईं, जिनकी उन्हें उम्मीद नहीं थी। उनके मुताबिक, सबसे ज्यादा पीड़ा इस बात की है कि कुछ लोग संगठन की भावना के अनुरूप नहीं चले।
चुनाव में साजिश का किया जिक्र
मीडिया से बातचीत में उन्होंने दावा किया कि चुनाव के दौरान उनके खिलाफ सुनियोजित तरीके से माहौल बनाने की कोशिश की गई। हालांकि उन्होंने किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का समर्पित कार्यकर्ता कभी भी संगठन के हितों के खिलाफ काम नहीं कर सकता, लेकिन कुछ लोग बहकावे में आ गए, जिससे चुनाव प्रभावित हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि समय आने पर पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आएगी और सभी तथ्यों से संगठन भी अवगत होगा।
कार्यकर्ताओं के प्रति जताया सम्मान
आशुतोष तिवारी ने स्पष्ट किया कि उनके मन में किसी भी कार्यकर्ता के प्रति कोई कटुता नहीं है। उन्होंने कहा कि हजारों कार्यकर्ताओं ने पूरी मेहनत और निष्ठा के साथ चुनाव लड़ा। यदि कुछ लोगों से चूक हुई भी है तो उसका निर्णय संगठन करेगा। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि पार्टी की ताकत उसके समर्पित कार्यकर्ता ही हैं।
संगठन और नेतृत्व पर जताया भरोसा
बीजेपी प्रत्याशी ने कहा कि उन्हें पार्टी नेतृत्व और संगठन की कार्यप्रणाली पर पूरा विश्वास है। उन्होंने उम्मीद जताई कि चुनाव से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष समीक्षा होगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर उचित निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने यह भी दोहराया कि भविष्य में भी वे पूरी निष्ठा के साथ पार्टी के लिए काम करते रहेंगे। आशुतोष तिवारी के बयान ने दतिया उपचुनाव की राजनीतिक चर्चा को एक बार फिर तेज कर दिया है। खासतौर पर उनके "अपनों की भूमिका" और "षड्यंत्र" वाले बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि पार्टी की ओर से इस बयान पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।