देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने चारधाम यात्रा को प्रभावित कर दिया है। रुद्रप्रयाग के तिलवाड़ा और चमोली के हेलंग में भारी भूस्खलन और मलबा आने से केदारनाथ और बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध हो गए। प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया है और श्रद्धालुओं से मौसम सामान्य होने तक सतर्क रहने की अपील की है।
तिलवाड़ा में गदेरे के उफान से हाईवे बंद
बुधवार देर रात रुद्रप्रयाग जिले के तिलवाड़ा में स्मार्ट शौचालय के पास गदेरा उफान पर आ गया। तेज बहाव के साथ आए भारी मलबे और बोल्डरों ने केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग को पूरी तरह बाधित कर दिया। कई वाहन मलबे में दब गए, हालांकि समय रहते यात्रियों और वाहन चालकों ने सुरक्षित स्थानों पर पहुंचकर अपनी जान बचा ली।
हेलंग के पास भी रुका बद्रीनाथ मार्ग
लगातार बारिश के कारण चमोली जिले के हेलंग के पास बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-7) पर भी पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और पत्थर गिर गए। इसके चलते मार्ग पर यातायात रोकना पड़ा। प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग की टीमें जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने में जुटी हैं ताकि रास्ता जल्द बहाल किया जा सके।
राहत-बचाव और नुकसान का आकलन जारी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन और राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। मलबे में फंसे वाहनों को निकालने और सड़क को जल्द चालू करने का काम तेजी से किया जा रहा है। साथ ही प्रभावित क्षेत्र में हुए नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है।
नदियां भी खतरे के निशान के करीब
लगातार बारिश से प्रदेश की प्रमुख नदियों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ा है।
रुद्रप्रयाग में मंदाकिनी नदी का जलस्तर 626.20 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है।
देवप्रयाग में भागीरथी नदी चेतावनी स्तर तक पहुंच गई है।
हरिद्वार के रायसी में बाणगंगा नदी भी चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही है।
श्रद्धालुओं को प्रशासन की सलाह
प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा यात्रा शुरू करने से पहले मौसम और मार्ग की ताजा जानकारी लेने की अपील की है।