पुरुलिया: पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में रविवार को करम पर्व के मौके पर आयोजित बड़े सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कुड़मी समाज से जुड़े कई अहम मुद्दों पर घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि सरकार समुदाय की भाषा, संस्कृति और अधिकारों से जुड़े विषयों पर काम कर रही है। इस दौरान पश्चिमांचल के विकास, कुड़मी विकास बोर्ड और पुराने पुलिस मामलों को लेकर भी मुख्यमंत्री ने कई बातें कहीं।
कुड़माली और राजवंशी भाषा को लेकर सरकार का रुख
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुड़माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने की दिशा में सरकार आगे बढ़ेगी। उन्होंने राजवंशी भाषा को भी संवैधानिक मान्यता दिलाने की बात कही। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व वाली सरकार के समय संताली भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल किया गया था।
आंदोलनों से जुड़े पुराने मामले वापस लेने का ऐलान
करम पर्व के मंच से मुख्यमंत्री ने कुड़मी समुदाय के आंदोलनों के दौरान दर्ज पुलिस मामलों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के समय आंदोलनकारियों पर पुलिस का इस्तेमाल किया गया और कई मामलों में बच्चों व बुजुर्गों को भी आरोपी बनाया गया। मुख्यमंत्री ने ऐसे पुराने मामलों को वापस लेने की घोषणा की।
UCC को लेकर भी मुख्यमंत्री ने दी जानकारी
समान नागरिक संहिता यानी UCC को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि आयोग के साथ बातचीत के बाद कुड़मी समाज की मांगों को ध्यान में रखा गया है। उनके मुताबिक कुड़मी समाज को UCC के दायरे से बाहर रखा गया है। इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों के सामने सरकार का रुख स्पष्ट किया।
पश्चिमांचल के विकास के लिए 1,600 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री ने पश्चिमी क्षेत्र के विकास को लेकर भी बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि पश्चिमांचल विकास विभाग के लिए तय 1,600 करोड़ रुपये का पूरा बजट इसी क्षेत्र के विकास कार्यों पर खर्च किया जाएगा। सरकार की ओर से इसे क्षेत्र में विकास योजनाओं को गति देने से जोड़कर देखा जा रहा है।
कुड़मी विकास बोर्ड का बजट बढ़ाने की घोषणा
कुड़मी विकास बोर्ड को लेकर भी मुख्यमंत्री ने बजट में बढ़ोतरी की बात कही। उन्होंने बताया कि पिछली सरकार के दौरान बोर्ड के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान था, जिसे बढ़ाकर अब 50 करोड़ रुपये किया गया है। जरूरत पड़ने पर इस राशि को आगे और बढ़ाने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही।
30 सितंबर को नवान्न में होगी बैठक
मुख्यमंत्री ने कुड़मी समाज के प्रतिनिधियों के साथ आगे की बातचीत के लिए 30 सितंबर को नवान्न में बैठक की जानकारी दी। इसमें आदिवासी कुड़मी समाज के नेता अजीत महतो सहित अन्य प्रतिनिधियों के शामिल होने की बात कही गई है। बैठक में समुदाय से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर आगे की चर्चा होने की संभावना है।
10 रुपये की फीस वाली व्यवस्था भी बंद कराने की बात
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने भूमि विभाग से जुड़े एक मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जमीन के रिकॉर्ड में जानकारी दर्ज कराने के एवज में 10 रुपये की फीस लिए जाने की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने इस व्यवस्था को तत्काल बंद कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने इसे आम लोगों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ से जोड़ते हुए सरकार की ओर से कार्रवाई की बात कही।
करम पर्व का यह आयोजन पुरुलिया के कुड़मी समाज के लिए महत्वपूर्ण सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम के रूप में आयोजित किया गया था। इससे पहले 20 सितंबर को कुड़मी संगठनों की ओर से बड़े पैमाने पर कार्यक्रम की तैयारी की गई थी, जिसमें पश्चिम बंगाल के अलावा झारखंड और ओडिशा से भी लोगों के पहुंचने की बात सामने आई थी।