रविवार को उत्तर 24 परगना के अशोकनगर स्थित ओएनजीसी (ONGC) के तेल उत्खनन परियोजना का दौरा करने पहुंचे भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने परियोजना के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। इस दौरान मीडिया से मुखातिब होते हुए उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस राष्ट्रीय महत्व की परियोजना के संचालन या कामकाज में किसी भी प्रकार का राजनीतिक हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पार्टी का कोई भी नेता या कार्यकर्ता इसमें दखل नहीं देगा।

काम में तेजी लाने के निर्देश और राजनीतिक हस्तक्षेप से इंकार
परियोजना स्थल पर अधिकारियों को आश्वस्त करते हुए शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि राज्य के प्राकृतिक संसाधनों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए और यहां किसी भी प्रकार के राजनीतिक विभाजन के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य इस कार्य में तेजी लाना है ताकि देश की ऊर्जा सुरक्षा को और मजबूत किया जा सके। साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि अतीत में राज्य सरकार के असहयोग और पेट्रोलियम माइनिंग लीज (PML) के मामलों में देरी के कारण यह परियोजना लंबे समय तक अटकी रही थी, जिससे देश के विकास पर असर पड़ा।
अशोकनगर प्रोजेक्ट से जुड़ा पुराना सफर और केंद्रीय निवेश
शमिक भट्टाचार्य ने इस परियोजना से अपने पुराने जुड़ाव को याद करते हुए बताया कि 'ऑयल इंडिया लिमिटेड' के स्वतंत्र निदेशक रहने के दौरान उन्होंने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया था। इस प्रोजेक्ट में ऑयल इंडिया की 25 प्रतिशत हिस्सेदारी है। उन्होंने कहा कि जब वे राज्यसभा सांसद थे, तब उन्होंने हर सत्र में—चाहे वह जीरो आवर हो या स्पेशल मेंशन—अशोकनगर के तेल उत्खनन का मुद्दा उठाया था। आपको बता दें कि इस परियोजना में केंद्र सरकार द्वारा करीब 1100 करोड़ रुपये का भारी निवेश किया जा रहा है, जिससे उत्तर 24 परगना के साथ-साथ पूरे इलाके में रोजगार और सामाजिक-आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
वाणिज्यिक उत्पादन की शुरुआत और भविष्य की योजनाएं
गौरतलब है कि अशोकनगर के बैगाची तेल क्षेत्र में गत 28 अगस्त से ही व्यावसायिक रूप से क्रूड ऑयल (कच्चे तेल) का उत्पादन शुरू हो चुका है। उसी दिन 1200 लीटर कच्चे तेल का पहला जत्था टैंकर के जरिए हल्दिया रिफाइनरी के लिए रवाना किया गया था। इस परियोजना के तहत कुल पांच कुओं की खुदाई की योजना है, जिनमें से एक का काम पूरा हो चुका है और दूसरे कुएं से उच्च गुणवत्ता वाला तेल मिल रहा है। इसके अलावा, रानाघाट में प्राकृतिक गैस और बंगाल की खाड़ी के अपतटीय क्षेत्र (बेग ऑफशोर) में भी तेल खोजे जाने की बात कही गई है।
फारहाक हकीम और जाधवपुर हिंसा मामले पर तीखी प्रतिक्रिया
प्रेसवार्ता के दौरान तारतला चार्जशीट से फिरहाद हकीम का नाम हटाए जाने के सवाल पर शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि यह पूरी तरह से पुलिस का आंतरिक मामला है और पुलिस ने जांच के आधार पर जो उचित समझा, वही किया है। वहीं, हाल ही में पूर्व विधायक देबव्रत मजूमदार के घर और सीपीएम के पार्टी कार्यालयों पर हुई तोड़फोड़ की घटनाओं पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने सीपीएम के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि देबव्रत मजूमदार एक समय बीजेपी में रहे थे और उनके परिवार के साथ पार्टी के पुराने संबंध हैं, इसलिए बीजेपी कार्यकर्ता कभी उनके घर पर हमला नहीं कर सकते।