Rajasthan Weather Update: राजस्थान में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने गुरुवार को प्रदेश के 21 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। अलवर, कोटपूतली-बहरोड़ और आसपास के इलाकों में सुबह से मूसलाधार बारिश हो रही है, जिससे कई जगह जलभराव की स्थिति बन गई है। वहीं 7 अगस्त से उदयपुर, कोटा और भरतपुर संभाग के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
अलवर और कोटपूतली में बारिश से जनजीवन प्रभावित
गुरुवार सुबह से अलवर और कोटपूतली-बहरोड़ क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही है। कई सड़कों पर पानी भर गया है, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अलवर के पहाड़ी क्षेत्रों में झरने बहने लगे हैं, जबकि करौली में एक इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई है।
21 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार आज प्रदेश के 21 जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है। वहीं 7 अगस्त से उदयपुर, कोटा और भरतपुर संभाग के कुछ इलाकों में भारी से अति भारी वर्षा की संभावना है। विभाग का अनुमान है कि 10 अगस्त तक राजस्थान में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा।
पिछले 24 घंटे में कहां कितनी बारिश?
बीते 24 घंटों के दौरान अलवर के गोविंदगढ़ में सबसे अधिक 72 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा सवाई माधोपुर, करौली, भरतपुर, डीग, दौसा और जयपुर में भी अच्छी बारिश रिकॉर्ड हुई। कोटा, राजसमंद, टोंक, हनुमानगढ़, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, बूंदी और बारां में भी हल्की से मध्यम बारिश हुई।
मौसम विभाग ने बताया बारिश की वजह
जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार उत्तर प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन और श्रीगंगानगर, रोहतक व गया से गुजर रही मानसून ट्रफ लाइन के कारण राजस्थान में बारिश का दौर तेज हुआ है। इसी सिस्टम के प्रभाव से अगले तीन दिनों तक कई जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना है।
245 बांध अब भी खाली
राजस्थान में इस मानसून सीजन में अब तक सामान्य से लगभग 17 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। इसका असर जलाशयों पर भी दिखाई दे रहा है। प्रदेश के 693 छोटे-बड़े बांधों में से केवल 15 पूरी तरह भर पाए हैं, जबकि 245 बांध अब भी पूरी तरह खाली हैं। शेष 433 बांधों में आंशिक जलभराव है।
लोगों के लिए सलाह
मौसम विभाग ने भारी बारिश वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने, जलभराव वाले रास्तों से दूर रहने और बिजली गिरने की आशंका के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी है। प्रशासन भी संवेदनशील इलाकों पर लगातार नजर बनाए हुए है।