मध्यप्रदेश में पेंशनर्स ने एक बार फिर सातवें वेतन आयोग से जुड़े लंबित वित्तीय लाभों का मुद्दा उठाया है। पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने राज्य के मुख्य सचिव और अपर मुख्य सचिव (वित्त) को पत्र भेजकर मांग की है कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को जनवरी 2016 से मार्च 2018 तक के 27 महीने का बकाया एरियर जल्द जारी किया जाए। संगठन का कहना है कि कर्मचारियों को तो सातवें वेतन आयोग का लाभ समय पर मिल गया, लेकिन पेंशनर्स अब भी अपने बकाया भुगतान का इंतजार कर रहे हैं।
पेंशनर्स ने क्या उठाया मुद्दा?
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष आमोद कुमार सक्सेना और संरक्षक गणेश दत्त जोशी के अनुसार राज्य सरकार ने कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2016 से लागू की थीं। वहीं पेंशनरों के लिए संशोधित पेंशन 1 अप्रैल 2018 से प्रभावी की गई। इसी वजह से जनवरी 2016 से मार्च 2018 के बीच का 27 महीने का एरियर अब तक लंबित है, जिसे जारी करने की मांग की गई है।
छत्तीसगढ़ का उदाहरण भी दिया
संगठन ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि छत्तीसगढ़ में पेंशनरों को सातवें वेतन आयोग के अनुरूप संशोधित पेंशन देने की प्रक्रिया 1 जनवरी 2016 से लागू करने का प्रस्ताव तैयार किया गया था। एसोसिएशन का कहना है कि मध्यप्रदेश में भी इसी आधार पर पेंशनर्स को समान लाभ मिलना चाहिए, ताकि कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच वित्तीय असमानता खत्म हो सके।
न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की भी मांग
पेंशनर्स संगठनों ने केवल एरियर ही नहीं, बल्कि न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की मांग भी दोहराई है। उनका कहना है कि वर्तमान में न्यूनतम पेंशन 7,750 रुपये प्रतिमाह है, जबकि इसे बढ़ाकर 9,000 रुपये किया जाना चाहिए। संगठन का दावा है कि इससे कम आय वाले पेंशनर्स को महंगाई के दौर में कुछ राहत मिल सकेगी।
वित्त विभाग पर लगाए आरोप
प्रांतीय सचिव यशवंत सिंह बैस और भोपाल जिला अध्यक्ष सुरेश शर्मा का कहना है कि वित्त विभाग लंबे समय से पेंशनर्स से जुड़े मामलों में अपेक्षित निर्णय नहीं ले रहा है। उनका आरोप है कि कई महत्वपूर्ण सिफारिशों पर अब तक अमल नहीं किया गया, जिससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों के आर्थिक हित प्रभावित हो रहे हैं।
सरकार से जल्द निर्णय की उम्मीद
एसोसिएशन के उपाध्यक्ष शैलेन्द्र श्रीवास्तव, संतोष ठाकुर और शकुंतला वर्मा ने सरकार से अनुरोध किया है कि लंबित एरियर जारी करने के साथ न्यूनतम पेंशन बढ़ाने पर भी सकारात्मक फैसला लिया जाए। उनका कहना है कि इससे हजारों पेंशनर्स को आर्थिक राहत मिलेगी और लंबे समय से चली आ रही मांग का समाधान हो सकेगा।
फिलहाल क्या स्थिति है?
अभी तक राज्य सरकार की ओर से 27 महीने के एरियर या न्यूनतम पेंशन बढ़ाने को लेकर कोई नई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने सरकार से शीघ्र निर्णय लेने की अपील की है और उम्मीद जताई है कि उनकी मांगों पर सकारात्मक विचार होगा।