नई दिल्ली। देशभर में सक्रिय मानसून अब कई राज्यों में तबाही का कारण बनता जा रहा है। उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तक भारी बारिश, बाढ़, लैंडस्लाइड और बिजली गिरने की घटनाओं ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। सबसे दर्दनाक तस्वीर झारखंड से सामने आई, जहां मंगलवार को बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि 8 लोग घायल हुए हैं। सबसे अधिक 9 मौतें गिरिडीह, 3 दुमका और 2 लातेहार जिले में दर्ज की गईं।
यूपी के बिजनौर में हाईवे पर बह रही गंगा
उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश के चलते गंगा नदी उफान पर है। बिजनौर में गंगा का पानी हाईवे पर बहने लगा है। तेज बहाव के कारण हाईवे की अप्रोच रोड बह गई और सड़क पर करीब 12 फीट गहरा गड्ढा बन गया। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। वहीं फर्रुखाबाद में भी गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के बाद हाईवे पर बैरिकेडिंग कर यातायात रोक दिया गया है। कई गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
मिर्जापुर में तीन लोगों की मौत
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में भी बारिश जानलेवा साबित हुई। दो बच्चों की गड्ढे में डूबने से मौत हो गई, जबकि एक 25 वर्षीय युवक की बिजली गिरने से जान चली गई। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की अपील की है।
हिमाचल और उत्तराखंड में लैंडस्लाइड, 300 से ज्यादा सड़कें बंद
लगातार बारिश के कारण हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं। दोनों राज्यों में मिलाकर 300 से अधिक सड़कें बंद हैं।
हिमाचल प्रदेश में 160 से ज्यादा सड़कें बंद हैं।
उत्तराखंड में 100 से अधिक सड़कें बाधित हैं।
सड़कों के बंद होने से कई इलाकों का संपर्क कट गया है। राहत और बचाव दल लगातार मार्ग बहाल करने में जुटे हैं।
देहरादून और बागेश्वर में स्कूल बंद
भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए उत्तराखंड के देहरादून और बागेश्वर जिलों में कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों को नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है।
केरल में बाढ़ से हालात गंभीर
दक्षिण भारत के केरल में 1 अगस्त से जारी मूसलाधार बारिश ने व्यापक तबाही मचाई है। अब तक 25 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 4 लोग लापता बताए जा रहे हैं। बाढ़ और जलभराव के कारण हजारों परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राज्य सरकार के अनुसार, 18 हजार से अधिक लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं। सबसे अधिक प्रभावित जिले पथनमथिट्टा, कोट्टायम और अलप्पुझा हैं।
पंजाब में डैम से छोड़ा गया पानी
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण रणजीत सागर डैम का जलस्तर बढ़ गया है। इसके चलते डैम से 8 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे शाहपुर कंडी बैराज का जलस्तर भी तेजी से बढ़कर 401.50 मीटर तक पहुंच गया है। प्रशासन ने निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
दिल्ली में जलभराव से लोगों की परेशानी बढ़ी
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हुई तेज बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव हो गया। महरौली-बदरपुर रोड पर घुटनों तक पानी भर जाने से यातायात प्रभावित रहा और लोगों को घंटों जाम व आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक उत्तर भारत, मध्य भारत और पूर्वी भारत के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं है। लोगों से मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।