देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून ने दोबारा गति पकड़ ली है। जम्मू-कश्मीर से लेकर केरल तक अनेक राज्यों में लगातार वर्षा दर्ज की जा रही है। उत्तर भारत में पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश ने गर्मी और उमस से राहत दिलाई है, जबकि पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कुछ क्षेत्रों में लगातार वर्षा के कारण बाढ़ और जलभराव जैसी परिस्थितियां बनी हुई हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार मानसूनी प्रणाली के सक्रिय रहने से आज भी अनेक राज्यों में व्यापक वर्षा होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी कई क्षेत्रों में वर्षा की गतिविधियां बनी रह सकती हैं।
दिल्ली-एनसीआर में दिनभर बादल और बारिश के आसार
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में बीते कुछ दिनों से रुक-रुककर वर्षा का सिलसिला जारी है। आज भी आसमान में घने बादल छाए रहने, मध्यम से भारी वर्षा तथा कुछ स्थानों पर तेज बौछारें पड़ने की संभावना व्यक्त की गई है। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान लगभग 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। लगातार वर्षा के कारण निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका है। प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।
उत्तर प्रदेश और बिहार में कई जिलों के लिए चेतावनी
उत्तर प्रदेश में पश्चिमी और पूर्वी दोनों हिस्सों के अनेक जिलों में आज भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने कुछ स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश होने का अनुमान व्यक्त किया है। बिहार के विभिन्न जिलों में भी मानसूनी गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। लगातार वर्षा के कारण नदियों के जलस्तर में वृद्धि और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि जहां वर्षा सामान्य सीमा में होगी, वहां खरीफ फसलों को लाभ मिल सकता है, जबकि अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में किसानों को जल निकासी की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होगी।
राजस्थान, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और केरल में भी वर्षा का प्रभाव
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार राजस्थान के कई हिस्सों में मध्यम से भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है। महाराष्ट्र के कोंकण, घाट क्षेत्रों तथा कुछ आंतरिक जिलों में भी तेज बारिश हो सकती है। पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी क्षेत्रों और उत्तरी जिलों में मानसून सक्रिय रहने का अनुमान है। वहीं केरल में लगातार वर्षा का दौर जारी रहने से कई जिलों में जलभराव और नदी-नालों के उफान पर रहने की संभावना बनी हुई है। राज्य प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।
पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों में बढ़ी सतर्कता
असम सहित पूर्वोत्तर के कई राज्यों में लगातार वर्षा के कारण बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। अनेक क्षेत्रों में नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हो रहा है। वहीं हिमालयी राज्यों में भी भारी वर्षा के चलते भूस्खलन और सड़क अवरोध जैसी घटनाओं की आशंका बनी रहती है। विशेषज्ञों ने पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा करने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने का आग्रह किया है। आपदा प्रबंधन एजेंसियां भी संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी कर रही हैं।
मौसम विभाग की सलाह: सतर्क रहें और आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें
भारतीय मौसम विभाग ने जिन क्षेत्रों के लिए भारी वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया है, वहां के लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर लगातार नजर रखने की सलाह दी है। बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों में जाने से बचना, जलभराव वाले मार्गों पर अनावश्यक आवागमन न करना तथा स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना आवश्यक बताया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के इस सक्रिय चरण में मौसम तेजी से बदल सकता है, इसलिए केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन के आधार पर ही यात्रा और अन्य गतिविधियों की योजना बनानी चाहिए।